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कालका-शिमला हाईवे की दुकानें तोड़ने पर स्टे

चंडीगढ़. पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसले में कालका-शिमला हाईवे पर स्थित दुकानें तोड़ने पर रोक लगा दी है। दुकानों को तोड़ने संबंधी नोटिस हाईवे अथॉरिटी ने 6 दिसंबर को जारी किए थे। यह रोक 20 दिसंबर तक जारी रहेगी। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी कर केंद्र सरकार, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और पंचकूला के डीसी से 20 दिसंबर तक जवाब तलब किया है।

1890 से बसे हैं यहां दुकानदार
जस्टिस जेएस खेहर और श्याम सुंदर की खंडपीठ ने यह आदेश कालका लोअर बाजार की सुनीता गर्ग और 23 अन्य दुकानदारों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस जगह पर 1890 से उनकी पुश्तैनी प्रॉपर्टी है। इस जगह पर उनका मालिकाना हक है। उनकी दलील थी कि यह प्रॉपर्टी तब से है जब यहां पर एमसी या कोई अन्य अथॉरिटी नहीं थी।

दुकानें टूटने से हो जाएंगे बेघर
याचिकाकर्ताओं की दलील थी कि इस तरह अचानक नोटिस जारी कर दुकानें गिराना सही नहीं है। चूंकि वह दुकानों के ऊपर बने मकानों पर रहते हैं, इसलिए वह बेघर हो जाएंगे। उन्होंने मांग की थी कि इस पर रोक लगाई जाए।

काबिलेजिक्र है कि कालका-शिमला मार्ग को चौड़ा करने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस मार्ग पर बनी दुकानों को तोड़ने का फैसला लिया था। इस संबंध में नेशनल हाईवे अथॉरिटीज ने 6 दिसंबर को दुकानदारों को बाकायदा नोटिस भी जारी कर दिए थे।





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