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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से राज्य के सभी आईपीएस और आईएएस अफसरों की चंडीगढ़ और इसके इर्द-गिर्द स्थित प्रॉपर्टी का पूरा ब्यौरा तलब किया है। जस्टिस रंजीत सिंह रंधावा ने यह आदेश नया गांव निवासी कुलदीप की एक याचिका पर सुनवाई के बाद दिए। इस याचिका में उन्होंने पंजाब पुलिस के आईजी (प्रोविजनिंग) संजीव गुप्ता पर जमीन कब्जाने और बेनामी प्रॉपर्टी बनाने का आरोप लगाया था। जस्टिस रंधावा ने एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) को यह ब्यौरा 31 मार्च को देने को कहा है।
आईजी ने याचिका वापस ली : इस मामले में बेनामी प्रॉपर्टी रखने और जमीन दबाने के आरोपी आईजी संजीव गुप्ता ने अपनी उस याचिका को वापस ले लिया जिसमें उन्होंने खुद को भी मामले में पार्टी बनाने के निर्देश देने की मांग की थी। इसके अलावा गुप्ता ने अपनी याचिका में राज्य के विजिलेंस प्रमुख सुमेध सैनी के खिलाफ आरोप लगाए थे कि सैनी उन्हें फंसाना चाहता है।
जांच के लिए 3 महीने का वक्त : इस मामले के याचिकाकर्ता ने आईजी संजीव गुप्ता पर बेइंतहा प्रॉपर्टी बनाने का आरोप लगाया था। याची ने कोर्ट में संजीव गुप्ता की काफी बेनामी प्रॉपर्टी का ब्यौरा भी हाईकोर्ट को सौंपा था। इस पर पंजाब सरकार ने इस मामले की जांच एडीजीपी को सौंप दी थी। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने जांच के लिए 6 महीने का समय मांगा, लेकिन हाईकोर्ट ने इस मामले के लिए सरकार को केवल 3 महीने का वक्त दिया।
क्या था मामला : नया गांव निवासी कुलदीप सिंह ने कुछ समय पूर्व हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि आईजी संजीव गुप्ता और उसका बेटा उसकी जमीन को जबर्दस्ती हथियाना चाहते हैं। कुलदीप का आरोप था कि २९ सितंबर को गुप्ता और उसके बेटे ने कुछ लोगों के साथ मिलकर उसकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश भी की। उस वक्त मौके पर आईजी संजीव गुप्ता भी मौजूद थे।
इस मामले में कुछ समय पूर्व हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया था। इस पर पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में कहा था कि उन्होंने इस मामले की जांच एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) को सौंप दी है।