उदयपुर. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष जी.माधवन नायर ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भारतीय अंतरिक्षयान भी सवा घंटे में पृथ्वी का चक्कर लगाने लगेंगे। सवा घंटे में पृथ्वी का चक्कर लगाने की क्षमता इस समय सिर्फ अमेरिका, रूस व जापान के पास ही है।
माधवन ने ‘भास्कर ’ को बताया कि इसरो ने ‘मिशन मून’ के बाद अब ‘मिशन मैन’ को लक्ष्य बनाकर काम करना शुरू कर दिया है। इसरो के वैज्ञानिकों को 75 मिनट में पृथ्वी का चक्कर लगाने के लिए अंतरिक्ष में विशेष कैप्सूल स्थापित करने होंगे। इसमें अल्ट्रा मॉडर्न टेक्नोलॉजी का उपयोग होगा। सन् 2050 तक भारतीय वैज्ञानिकों का ‘75 मिनट का लक्ष्य’ पूरा हो जाएगा।
माधवन ने बताया कि ‘मिशन मून’ के तहत भारतीय वैज्ञानिकों की चांद पर जाने की तैयारियां चल रही हैं। माधवन यहां दि इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स की इंडियन इंजीनियरिंग कांग्रेस में विशेष व्याख्यान देने आए थे। उन्हें यहां इंस्टीट्यूट की लाइफ टाइम फैलोशिप देकर सम्मानित किया गया।