अमृतसर. आल इंडिया एंटी क्रप्शन मोर्चा ने पंजाब के चीफ सेक्रेटरी, स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर और डीजीपी विजिलेंस से जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी विमल कुमार सेतिया के विरु द्ध कार्रवाई करने की मांग की है। बैठक को संबोधित करते हुए मोर्चा के वाइस प्रैजीडेंट एडवोकेट वनीत महाजन और महासचिव एडवोकेट संदीप गोरसी ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारियों को वाहनों के वीआईपी नंबरों की निलामी करवाने के निर्देश दिए थे।
नंबर सबसे ज्यादा बोली देने वाले व्यक्ति को अलाट करने का प्रावधान रखा गया था, जबकि डीटीओ सेतिया ने खुली निलामी की बजाय 29 नवंबर को बंद कमरे में वीआईपी नंबरों की अलाटमेंट कर दी। यही नहीं, डीटीओ कार्यालय में एक एजैंट को नया खोखा भी दे दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि डीटीओ दफ्तर में तैनात क्लर्के ने अपने अधीन निजी कर्मचारी रखे हुए हैं। ड्राइविंग लाइसैंस बनाने वाली सीट पर भी निजी कर्मचारी ही कार्यरत हंै। रेलवे स्टेशन, हाल गेट व गोलबाग से नाजायज तौर पर वीडियो कोच बसें चलाई जा रही हैं। इस बाबत डीटीओ से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। मोर्चा ने इस मामले में जांच कर डीटीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
>> वीआईपी नंबरों की अलाटमैंट बोली द्वारा ही की गई है। बोली प्रक्रिया में किसी भी तरह से नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ।
—विमल कुमार सेतिया, डीटीओ