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निजीकरण के खिलाफ संघर्ष तेज

अमृतसर. पंजाब राज्य बिजली बोर्ड की साझा संघर्ष कमेटी के बैनर तले कर्मचारी 17 से 24 दिसंबर तक विधानसभा सैशन में मंत्रियों, विधायकों और विपक्षी नेताओं को मांग-पत्र सौंपेंगे। एक सप्ताह तक चलने वाले इस कार्यक्रम में सभी कर्मचारी बढ़-चढ़ कर भाग लेंगे। इस बात का फैसला टैक्निकल सर्विस यूनियन की जालंधर में आयोजित बैठक में किया गया।

टीएसयू के प्रदेश महासचिव जगतार सिंह उप्पल ने कहा कि निजीकरण के फैसले को वापस लेने और बिजली एक्ट 2003 रद्द करने से कम कर्मचारी कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे। यूनियन के सभी सदस्यों ने संघर्ष के लिए कमर कस ली है। आने वाले समय में साझा संघर्ष कमेटी के बैनर तले आंदोलन को नई धार दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बैठक में सभी जिला पदाधिकारियों से कर्मचारियों को एक्टिव रखने को कहा गया है।

21 दिसंबर को नई रणनीति बनाने के लिए साझा संघर्ष कमेटी किसान संगठनों के साथ बैठक करेगी। सरकार ने बिजली बोर्ड के निगमीकरण का समय 29 फरवरी तक बढ़ाया है, लेकिन कर्मचारी मांगें मनवाए बिना संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।

उन्होंने बताया कि 4 जनवरी को बिजली कर्मचारियों की साझा मीटिंग होगी और 10 से 17 जनवरी तक सब डिवीजन स्तर पर रैलियों का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 18 से 25 दिसंबर तक डिवीजन स्तरीय रैलियां की जाएंगी। उधर, टीएसयू के सिटी सर्किल प्रधान जगदीश भारद्वाज ने कहा कि कर्मचारी बैठक में पास सभी प्रस्तावों पर अडिग रहेंगे और संघर्ष से पीछे नहीं हटा जाएगा।





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