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न बंद, न फतह मार्च

अमृतसर. पहले से ही मुस्तैद पुलिस-प्रशासन ने शुक्रवार को न तो शिव सेना (हिंदोस्तान) को बाजार बंद कराने दिया और न ही शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) को फतह मार्च निकालने दिया। शिव सेना के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जहां पहले ही हिरासत में ले लिया था वहीं शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के महासचिव भाई राम सिंह सहित 9 कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।

शिव सेना (हिंदोस्तान) की तरफ से शुक्रवार को पंजाब बंद के दौरान शहर के सारे बाजार रोजमर्रा की तरह ही खुले रहे। सुबह से ही हाल बाजार, कटरा शेर सिंह, लारेंस रोड, कटरा जैमल सिंह, नमक मंडी, आटा मंडी, रामबाग, बस स्टैंड, रानी का बाग सहित शहर के मुख्य और भीतरी बाजारों में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए थे।

उन्हें दुकानें जबरदस्ती बंद करवाने और रोष प्रदर्शन करने वाले लोगों के साथ सख्ती से पेश आने के भी निर्देश दिए गए थे। वहीं श्री दरबार साहिब के आसपास एसपी सिटी वन और एसपी (डी) पुलिस फोर्स के साथ नजर बनाए हुए थे। हाल गेट में शिव सेना (हिंदोस्तान) के कार्यकर्ताओं की तरफ से रोष प्रदर्शन की सूचना मिलते ही फोर्स वहां लगा दी गई।

एसएसपी कुंवर विजय प्रताप सिंह और डीसी काहन सिंह पन्नू ने शहर के संवेदनशील इलाकों का दौरा किया और मुलाजिमों को बंद करवाने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आने के निर्देश दिए। दूसरी ओर अकाल तख्त पर अरदास के बाद जैसे ही शिअद (अ) कार्यकर्ता घंटाघर की तरफ से बाजार में निकलने लगे तो एसपी सिटी वन डा. कौस्तुभ शर्मा और एसपी मनविंदर सिंह ने उन्हें रोक लिया। इस पर दोनों ओर से तू-तू, मैं-मैं हुई और कार्यकर्ताओं ने पुलिस विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। मार्च की इजाजत नहीं मिलने के कारण राम सिंह धरने पर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

बटाला विंग की इंचार्ज गुरदीप कौर, अमरजीत कौर, पार्टी की कार्यालय सचिव हरबीर सिंह संधू, शहरी प्रधान सुरिंदर, देहाती प्रधान अमरीक सिंह नंगल और चार अन्य वर्करों को भी गिरफ्तार किया गया। मौके पर मौजूद एसपी डा. शर्मा ने कहा कि पंजाब का माहौल खराब करने की इजाजत किसी को भी नहीं दी जा सकती है।

इससे पहले शुक्रवार सुबह ही श्री दरबार साहिब के इर्द-गिर्द भारी पुलिस तैनात कर दी थी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एसएसपी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने इलाके का दौरा किया। फतेह मार्च की भनक लगने के कारण सादी वर्दी में पुलिस कर्मचारियों ने अकाल तख्त पर डेरा जमा लिया था।

कर्मचारियों द्वारा शिअद अमृतसर की गतिविधियों की पल-पल की खबर मोबाइल पर उच्चधिकारियों को दी जा रही थी। पुलिस को चकमा देते हुए सुबह 10 बजे ही कार्यकर्ता अकालतख्त पर एकत्रित हो गए थे। पुलिस ने सुबह इनके घरों पर दस्तक भी दी थी, लेकिन वे वीरवार को ही भूमिगत हो गए थे।

बंद का असर नहीं
भिखीविंड. शिव सेना (हिंदोस्तान) की ओर से जरनैल सिंह भिंडरांवाला की तस्वीर को केंद्रीय सिख अजायबघर में लगाने के विरोध में आयोजित बंद विफल रहा। खालड़ा, अलगोकोठी, दयालपुर, शहबाजपुरा में लोगों ने अपनी दुकानें खुली रखीं।





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