उदयपुर. योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेकसिंह अहलूवालिया ने इंजीनियरों को सावधान करने के लफ्जों में कहा कि आने वाले 10 सालों में इतना विकास होगा,
जितना बीते 40-50 सालों में नहीं हुआ। अगले दस साल बहुत रोमांचक और व्यापक पर्वितन वाले होंगे जिसके लिए सभी प्रोफेशन के लोगों को तैयार रहना चाहिए। द इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स इंडिया के 22वें इंजीनियरिंग कांग्रेस के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर अहलूवालिया ने यह बात कही। इस अवसर पर देश-विदेश के 700 से ज्यादा इंजीनियर उपस्थित थे। इनमें परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अनिल काकोडकर, इसरो के अध्यक्ष जी.माधवन नायर, स्टील अथोरिटी ऑफ इंडिया, भेल सहित बड़ी कंपनियों व सरकारी महकमों के इंजीनियर्स शामिल थे।
अहलूवालिया ने कहा कि पिछले पांच सालों में सकल घरेलू उत्पाद 8.5 फीसदी दर से बढ़ रहा है और प्रतिव्यक्ति आय 7.5 फीसदी प्रतिशत की दर से बढ़ी है। बढ़ोतरी की यह दर 60 व 70 के दशक की 3.5 फीसदी ग्रोथ रेट की तुलना में बहुत अधिक है। पहले प्रतिव्यक्ति आय में दुगनी बढ़ोतरी होने में 50 साल लगे, लेकिन अब अगले 6 से 10 साल में प्रतिव्यक्ति आय वर्तमान से दुगनी हो जाएगी। ऐसे में इंजीनियर्स का दायित्व बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण व तेज गति से हो रहे आर्थिक बदलाव के संदर्भ में स्ट्रक्चरल चेंज लाने की जवाबदेही इंजीनियरों पर है। आरंभ में आईईआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर.पी.गुप्ता ने अध्यक्षीय भाषण दिया। डायरेक्टर जनरल ए.के.पूथिया ने सभी को धन्यवाद दिया। संचालन डॉ.गायत्री तिवारी ने किया।
छह टैक्नोक्रेट्स को पुरस्कार
समारोह में अपने-अपने क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए चुनिंदा प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इसमें नेशनल डिजाइन पुरस्कार इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटामिक रिसर्च, कलपक्कम के वैज्ञानिक एस.सी.चेतन, पर्यावरण इंजीनियरिंग डिजायन पुरस्कार राम मगे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च अमरावती के नितिन इंगोल, मैकेनिकल डिजायनिंग पुरस्कार भेल के जनरल मैनेजर ए.एल.चन्द्रकर, माइनिंग डिजायन का पुरस्कार भोपाल के रीजनल रिसर्च लेबोरेट्री के डॉ.ए.के.मजूमदार, पूर्व प्रबलित कांक्रीट डिजायन पुरस्कार स्तूप कन्सलटेंट प्राइवेट लिमिटेड, बैंगलोर के ए.टी.सेम्युल व सुमन शर्मा पुरस्कार बैंगलोर की डॉ.दीप्ति देवधर को दिया गया।