अलावलपुर. नए बर्तन मिलने की आस में पुराने बर्तन भी खो दिए। ये वाक्या घटा क्षेत्र की महिलाओं के साथ। इसमें एक-दो नहीं, बल्कि 40 घरों की पढ़ी-लिखी महिलाएं ठगी गई हैं। महिलाओं ने घर के पुराने बर्तन, जिनमें प्रैशर कूकर, तांबे और सिल्वर के बर्तन, यहां तक कि चांदी की पायल और चेनें तक शातिर महिला को दे डाली। घर में झगड़ा न हो, इसलिए पुलिस में शिकायत करने से भी कतरा रही हैं।
ठगी का शिकार कांता रानी, जोगिंदर कौर, काशो, भजनो, ऊषा रानी, केसरी, जीतो, मनजीत कौर, कुलदीप कौर, जोगिंदर कौर, ज्ञान कौर, कैलाशो, बचनी, हरबंस कौर, नशत्तर कौर व अजीत कौर ने बताया कि सादिगी से भरपूर शातिर महिला बुधवार 5 दिसंबर को आई और काशो, कुलदीप और मनजीत कौर से पुराने बर्तन लेकर वीरवार को नए बर्तन दे गई।
शुक्रवार को दोबारा शातिर महिला मोहल्ले में आई और करीब सभी घरों की महिलाओं से पुराने बर्तन बोरियों में भरकर ले गईं। कुछ महिलाओं ने चांदी के गहने चमकाने के लिए दे दिए। शातिर रविवार को नए बर्तन वपिस करने का लारा लगाकर गई थीं, शुक्रवार शाम तक नहीं आई। इस दौरान महिलाओं को खुद को ठगा हुए समझने में देर नहीं लगी।
शोर मचा चोरी-चोरी, हुआ कुछ नहीं
जालंधर. पुडा कांप्लैक्स स्थित खेतीबाड़ी विभाग की बंद लैब में चोरी की सूचना मिलने पर करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस ने परेड की, लेकिन उसके हाथ कुछ नहीं लगा। हुआ यूं कि सरकारी क्वार्टर में रहने वाले लोगों ने लैब से अंदर से आ रही आवाजों को सुनकर पुलिस को सूचित किया। उनमें से एक व्यक्ति लैब के पिछले गेट पर खड़ा हो गया और दूसरा मुख्यगेट पर।
इतने में पीसीआर नंबर 18 के कर्मी दविंदर सिंह बिट्टा अपने सहकर्मी सहित मौके पर पहुंचा। जांच अधिकारी एसआई सुरिंदर सिंह की मौजूदगी में विभाग के कर्मचारियों ने लैब के आगे के गेट का ताला तोड़ा, लेकिन न तो लैब के अंदर चोर दिखाई दिया और न ही सामान बिखरा था। उसके पश्चात विभाग के कर्मचारियों ने गेट पर फिर ताला लगा दिया।
कैसे हुआ चोरी का शक
पीसीआर कर्मी दविंदर ने मौके पर पहुंचकर उन्होंने देखा कि लैब के पीछे लगी लोहे की ग्रिल टूटी हुई है, जिसमें से कोई भी व्यक्ति आसानी से निकल सकता है, जबकि लैब के आगे के गेट व पीछे के दोनों गेटों पर ताला लगा हुआ था।