जालंधर. बीएसएफ ने पाकिस्तान के साथ लगती पंजाब की 550 किमी. लंबी सीमा पर निगरानी के लिए अत्याधुनिक ‘लांग रेंज रैकोनैसेंस एंड ऑब्जर्वेशन सिस्टम’ (लोरोस) की तैनाती कर दी है। अभी तक भारतीय सेना ही लोरोस का इस्तेमाल कर रही थी। सीमा के कई किलोमीटर अंदर की गतिविधि को इंटरसैप्ट करने में सक्षम लोरोस की कीमत करोड़ों में है।
प्रारंभिक तौर पर मात्र 4 लोरोस ही पंजाब सीमा पर तैनात किए गए हैं। बीएसएफ के डायरैक्टर जनरल ए.के. मित्रा के मुताबिक, तस्करी को लेकर पंजाब सीमा संवेदनशील कही जाती है। इसी कारण ‘लोरोस’ के अलावा चार बैटलफील्ड सर्विलैंस राडार भी पंजाब को दिए गए हैं। 58 थर्मल इमेजिन सिस्टम भी पंजाब सीमा पर काम कर रहे हैं, जो रात के समय कई किलोमीटर की दूरी से सीमा पर होने वाली हलचल को देखने में सक्षम है।
बटालियनों की गिनती बढ़ेगी
मित्रा ने कहा कि फोर्स की नफरी बढ़ाने के लिए 69 नई बटालियनों की मांग गृह मंत्रालय से की गई है। इस समय फोर्स में बटालियनों की संख्या 157 है।
प्रत्येक बटालियन में 6 कंपनियां होती हैं, लेकिन कुछ समय पूर्व केंद्र ने कंपनियों की संख्या 7 कर दी थी। 1-1 कंपनी बढ़ाने से लगभग 23 बटालियन जितनी नफरी फोर्स को मिल गई है। मार्च तक फोर्स के पास महिला बटालियन भी उपलब्ध होंगी। इसके लिए केंद्र से महिला अधिकारी मांगी गई हैं।
बार्डर एरिया मैनेजमैंट एंड डिवैल्पमैंट
डीजी मित्रा ने कहा कि बार्डर एरिया मैनेजमैंट और डिवैल्पमैंट की तरफ विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कंटीली बाड़ भारतीय क्षेत्र में ही लगाई गई है। जम्मू सैक्टर में पड़ती 38 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगाई गई कंटीली बाड़ को और आगे खिसकाया जा रहा है।