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न्यायिक अधिकारियों को मिली पदोन्नति

जोधपुर. लंबे समय से प्रतीक्षारत न्यायिक अधिकारियों को आखिर पदोन्नति मिल ही गई। शुक्रवार को यहां आयोजित राजस्थान हाईकोर्ट की पूर्णपीठ की बैठक में पदोन्नति का निर्णय किया गया।

इसके तहत पदोन्नति योग्य मुंसिफ मजिस्ट्रेट को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से एडीजे फास्टट्रैक में पदोन्नत किया गया है। इसी तरह 36 एडीजे फास्टट्रैक को पदोन्नति देकर नियमित रूप से राजस्थान उच्च न्यायिक सेवा में लेने का निर्णय किया गया। बैठक में बिल्डिंग कमेटी व इन्स्पेक्शन कमेटी की सिफारिशों पर भी चर्चा की गई। साथ ही नवनियुक्त राजस्थान न्यायिक सेवा के अधिकारियों की ट्रेनिंग उदयपुर व जोधपुर में करने का फैसला किया गया।

राजस्थान हाईकोर्ट की पूर्णपीठ की बैठक शुक्रवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे चीफ जस्टिस राजेश बालिया की अध्यक्षता में मुख्यपीठ परिसर में आरंभ हुई। बैठक में काफी समय से न्यायिक अधिकारियों की लंबित पदोन्नति के बारे में कमेटी की सिफारिशों पर विस्तृत चर्चा की गई।

न्यायालय अपग्रेड करने पर हुआ विचार : बैठक में अधीनस्थ न्यायालयों के भवन व न्यायालयों को अपग्रेड करने के बारे में बिल्डिंग कमेटी की सिफारिशों पर विचार- विमर्श किया गया।

पूर्व में बंद किए जिला न्यायालयों के निरीक्षण व्यवस्था को फिर से लागू करने के बारे में निरीक्षण कमेटी की सिफारिशों पर चर्चा की गई।

सात अधिकारियों के खिलाफ चर्चा टली
सात अधिकारियों के खिलाफ कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार होना था, मगर इन सातों मामलों पर पूर्णपीठ ने विचार नहीं किया। इन मामलों पर अगली बैठक में चर्चा की जाएगी। न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और राजस्थान हाईकोर्ट में वकील कोटे से न्यायाधीश बनाने के लिए प्रस्ताव भेजने के मसले पर तभी कोई निर्णय होने की उम्मीद है। ज्ञात रहे राजस्थान हाईकोर्ट की एक बैंच जयपुर स्थानांतरित होने के बाद कभी जोधपुर में और कभी जयपुर में फुल बैंच की बैठक होती है।





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