गजनेर/कोलासर. गजनेर के नजदीक बस्ती चावड़ों की बस्ती के एक घर के छप्पर में आग लगने से 44 बकरियां जिंदा तथा 21 बुरी तरह झुलस गई। घटना गुरुवार
रात को बस्ती निवासी भानीसिंह राजपूत के घर के पीछे के बाड़े में घटित हुई। घटना के समय भानीसिंह गांव से तीन किलोमीटर दूर अपने खेत गया हुआ था।
गुरुवार रात 12 बजे के बाद भानीसिंह के घर के पीछे बकरियों के बाड़े में अचानक आग लग गई। तेज हवा के कारण आग काफी तेजी से फैल गई। बाड़े से आग की लपटें उठती देख घरवालों ने शोर मचाया। शोर सुनकर आस-पड़ोस के लोग एकत्रित हो गए। लोगों ने आग पर पानी व रेत डालकर बुझाने का प्रयास किया। इस दौरान जेठूसिंह ने हिम्मत कर बकरियों को बचाने का प्रयास किया। वह अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए 21 बकरियों को बचाने में सफल रहा लेकिन शेष 44 बकरियां जिंदा जल गईं।
घटना की जानकारी भानीसिंह को भी सुबह मिली। वह तुरंत घर पहुंचा तब तक सब कुछ बर्बाद हो चुका था। सुबह सरपंच राधेश्याम उपाध्याय, ग्राम सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष नारायणसिंह राठौड़, ग्रामसेवक बजरंग पुरोहित सहित गजनेर थानाधिकारी सलावत खां भी मौके पर पहुंच गए। सरपंच ने घटना की जानकारी बीकानेर दी। इस पर नत्थूसर गेट पशु चिकित्सालय से डॉ. गौरव शर्मा व सहायक ने बस्ती पहुंच कर घायल बकरियों का इलाज शुरू किया। घटना की जानकारी तहसीलदार व पटवारी को दोपहर 12 बजे दी लेकिन शाम तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति गुस्सा जताया।