हिसार. रिकार्ड तोड़ पारे की गिरावट के बाद शुक्रवार दिसंबर का अब तक का सबसे ठंडा दिन बन गया। न्यूनतम पारा जहां 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं अधिकतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय के मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने बताया कि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान गुरुवार के 8 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। यह तापमान सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। इसी प्रकार अधिकतम तापमान गुरुवार के 19.8 डिग्री सेल्सियस की बजाय 16.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
यह तापमान सामान्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। इस दौरान वातावरण में धुंध बरकरार रही तथा हवा की गति 2.4 किलोमीटर प्रतिघंटा से बढ़कर 2.9 किलोमीटर प्रतिघंटा हो गई। इससे पहले हिसार का इस वर्ष न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
5 के आसपास रहेगा पारा
राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र के आंकड़ों से आधार पर हकृवि के मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि आगामी तीन दिनों तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के पास और अधिकतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के पास रहेगा।
क्या करें और क्या न करें किसान
गेहूं की बिजाई न कर सकने वाले किसान इस माह के पहले पखवाड़े तक अवश्य कर लें। इस समय की बिजाई के लिए सोनालिका, डब्ल्यूएच 291, डब्ल्यूएच 542, राज 3785, पीबीडब्ल्यू 373, सोनक ही बोएं तथा प्रति एकड़ 60 किलोग्राम बीज डालें।
खरपतवार की सबसे बड़ी समस्या से निपटने के लिए खरपतवारों को फसल की शुरू से बढ़वार के लगभग 30 दिन के अंदर ही एक बार निराई गुड़ाई करके खेत से निकाल दें।
आलू में मिट्टी चढ़ाते समय नाइट्रोजन खाद दें व खेत की नियमित सिंचाई करें। हानिकारक कीटों में चेपा से रक्षा के लिए प्रति एकड़ फसल पर 300 मिली रोगोर 30ईसी या 300 मिली मेटासिटाक्स 25ईसी को 300 लीटर पानी में घोलकर 10-15 दिन के अंतर पर आवश्यकतानुसार छिड़काव करें।
प्याज की पनीरी इस माह तैयार हो जाएगी, जिसके लिए समय से खेत को तैयार करें।
एक एकड़ खेत में लगभग 20 टन गोबर की सड़ी खाद बिखेर कर जुताई करें। रोपाई से पहले प्रति एकड़ 16 किलोग्राम नाइट्रोजन, 20 किलोग्राम फास्फोरस तथा 10 किलोग्राम पोटाश खेत में दें।
जौ की पछेती फसल में बीजी 105 किस्म की बिजाई करें। एक एकड़ के लिए 45 किलोग्राम बीज लेकर कतारों में 18 से 20 सेमी का फसला रखें। समय पर बीजी गई फसल में बिजाई के 45-50 दिन बाद पहला पानी यथानुसार लगाए।
गाय-भैंस ो शीतला रोग का टीका लगाएं।
पशुओं का गोबर लगातार पतला हो तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।