हिसार.
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पुराने संपदा कार्यालय में मीना की हत्या उसी के छोटे भाई संदीप ने की थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। संदीप ने जुर्म कबूल कर लिया है। शनिवार को उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
एएसपी अशोक कुमार श्योराण और सिविल लाइन थाने के एसएचओ रामपाल ने शुक्रवार को पत्रकारों को हत्याकांड का खुलासा करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अपने बड़े भाई राजेश और बहन मीना से अलग सूर्य नगर में रहने वाला संदीप एक सोची-समझी साजिश के तहत घर में घुसा और उसने मीना को अकेली पाकर उस पर छुरी से हमला कर दिया। उसने वहीं दम तोड़ दिया। वह हत्या करने के बाद वहां से फरार हो गया।
उसे शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पुराने रेलवे पुल के नीचे से गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि अदालत से उसका रिमांड हासिल कर हत्या में प्रयुक्त छुरी और उसके खून से सने कपड़े बरामद किए जाएंगे।
क्या रहा कारण
संदीप ने मीडिया को बताया कि उसकी बहन मीना के उनके रिश्ते में चाचा लगने वाले सिरसा निवासी सुभाष के साथ अवैध संबंध थे। उसे यह बात 4 साल पहले पता चली तो उसने अपनी बहन को काफी समझाया मगर वह बाज नहीं आई। इस पर वह भाई राजेश व बहन से अलग रहने लगा। आखिर वह नहीं मानी तो उसने उसे ठिकाने लगाने की योजना बना ली।
पहले उसने उसका गला दबाने का प्रयास किया और जब उसने विरोध किया तो छुरी से उसका गला रेत दिया। पूछताछ में मिले तथ्यों के बारे में एसएचओ रामपाल ने बताया कि मीना की मां संतोष की मौत होने पर इस परिवार को 5 लाख रुपए मिले थे। जिनमें से ढाई लाख रुपए मीना के नाम बैंक में जमा थे।
संदीप इस रुपए को निकलवाना चाहता था, जबकि राजेश व मीना रुपए जमा रखना चाहते थे। इसी मसले पर तकरार होने पर संदीप अलग रहने लगा था और उसने इसी के चलते मीना की हत्या कर दी।
क्या है मामला
गुरुवार को मीना के भाई राजेश ने पुलिस को शिकायत देकर कहा था कि उसके पिता एवं हुडा में ड्राइवर रहे जयसिंह और मां संतोष की मौत हो चुकी है। हुडा द्वारा सेक्टर-13 से क्वार्टर खाली कराने के बाद उन्हें पुराने संपदा अधिकारी कार्यालय के भवन में रहने की अनुमति दी गई थी।
वहां वह और उसकी बहन मीना ही रहते थे, जबकि उनका छोटा भाई संदीप सूर्य नगर में रहता था। वह सुबह 8 बजे मॉडल टाउन में मजदूरी करने चला गया था। दोपहर 1 बजे खाना खाने आया तो उसने मीना को मृत पाया। पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
कैसे हुआ पुलिस को शक
मीना के बड़े भाई राजेश ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था पर पुलिस को हत्यारे तक पहुंचाने में 24 घंटे से ज्यादा समय नहीं लगा। एएसपी श्योराण ने बताया कि संदीप के सूर्यनगर स्थित कमरे पर दबिश दी गई तो वह गायब था। वह रात को भी वहां नहीं आया, इससे शक की सूई उसी पर घूमी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।