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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर: रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरों को भुगतान करने के लिए मिली राशि से नियम विरुद्ध खरीदी का मामला अब राज्य शासन के गले पड़ गया है। केंद्र सरकार ने नियम विरुद्घ खरीदी की राशि देने से इनकार कर दिया।
इस कारण राज्य शासन ने केंद्र को आश्वस्त किया है कि पूरी राशि राज्य वहन करेगा। ऐसा नहीं करने पर केंद्र सरकार योजना के तहत मिलने वाली केंद्रीय मदद रोक सकती थी। इस कारण राज्य को मजबूरी में यह राशि वहन करनी पड़ेगी। कांकेर के पांच विकासखंडों में 8 करोड़ 81 लाख रुपए की दवाइयां और 5 करोड़ 10 लाख रुपए के झूले, तालपत्री व अन्य सामान खरीदे गए। रोजगार गारंटी योजना के आयुक्त पीसी मिश्रा ने स्पष्ट किया कि तालपत्री और झूले की खरीदी योजना के तहत की जा सकती है। इस कारण केंद्र सरकार ने दवा खरीदी की राशि देने से इनकार किया है। बाकी दूसरी खरीदी की राशि मिलेगी।
महत्वपूर्ण बात यह है कि घोटाला उजागर होने के बाद विभागीय अफसरों ने जो दवाइयां जब्त कीं, उनकी कीमत बमुश्किल दो करोड़ रुपए है। बाकी छह करोड़ रुपए की दवाइयां किसानों में बांट देने की बात कही जा रही है। वास्तव में जांच का विषय तो यह भी है कि छह करोड़ रुपए की दवाइयां किसानों में बांटी गईं या नहीं। दो करोड़ रुपए की जब्त दवाओं का कब और कैसा उपयोग होगा, यह भी तय नहीं है। इससे साफ है कि जब तक जांच पूरी नहीं होगी, दवाओं का उपयोग नहीं हो पाएगा। जाहिर है, ये दवाइयां उपयोग के लायक नहीं रहेंगी। इस तरह आठ करोड़ 81 लाख रुपए का नुकसान राज्य शासन को उठाना पड़ रहा है।