News
Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर: कानून-व्यवस्था की जानकारी लेने आए गृहमंत्री हिम्मत कोठारी ने बैठक के दौरान पुलिसकर्मियों के हितों की बात भी की। उन्होंने कहा कि थानेदारों की डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी को शीघ्रता से पूरा किया जाए। रिश्वत के अलावा अन्य आरोपों में घिरे थानेदारों को मैदानी तैनाती देने से भी परहेज न किया जाए।
ग्वालियर-चंबल पुलिस रेंज के अफसरों की इस बैठक में सिपाही और हवलदार स्तर के पुलिसकर्मियों से हमदर्दी जताते हुए उन्होंने पुलिस अफसरों से कहा कि वे यह प्रयास करें कि सिपाही और हवलदारों का तबादला दूर के जिलों में न करें। जिन जिलों के आसपास उनके घर हैं उनमें ही उन्हें तैनाती दी जाए। श्री कोठारी ने कहा कि सिपाही और हवलदारों को इतनी सुविधाएं नहीं मिलती हैं कि वे घर से अलग रहकर जीवन-यापन ढंग से कर सकें।
उन्होंने कहा कि थानेदारों की विभागीय जांच (डीई) के मामलों में भी रियायत बरतनी चाहिए। जिन थानेदारों पर रिश्वत का आरोप है उन्हें पुलिस लाइन में रखना ठीक है लेकिन जिनके ऊपर इसके अलावा साधारण किस्म के आरोप हैं उन्हें थानों में तैनाती दी जा सकती है। श्री कोठारी ने पुलिस अफसरों की तबादला पॉलिसी पर भी बातचीत की। उन्होंने अफसरों से पूछा कि तबादले की समयसीमा क्या होना चाहिए? इस पर अफसरों की ओर से जवाब आया कि एक जिले में पुलिसकर्मी को कम से कम पांच वर्ष तक तो रखना चाहिए। श्योपुर में लूट की वारदात को दबाने की कोशिश करने वाले निलंबित टीआई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की बात उन्होंने कही।
दो हजार सिपाहियों की भर्ती होगी : बैठक में पुलिस अफसरों ने फोर्स कम होने की बात भी उठाई, इस पर श्री कोठारी ने कहा कि प्रदेश में पुलिस फोर्स बढ़ाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए गए है। प्रदेश में दो हजार सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है यह शीघ्र ही पूर्ण हो जाएगी।
मुखबिर तंत्र मजबूत करें : श्री कोठारी ने पुलिस अफसरों से मुखबिर तंत्र मजबूत करने की बात भी कही। इनका कहना था कि मुखबिर तंत्र मजबूत होने से अपराधियों के बारे में सूचना मिलेगी और अपराध कम होंगे।