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शहर में दो एकड़ 24 डिसमिल जमीन पर अवैध कब्जा

बिलासपुर: शासन के निर्देशों के बाद भी जिले की सभी तहसीलों में नजूल और सरकारी जमीन का सर्वेक्षण नहीं हो पाया है। सिर्फ शहरी इलाके में सर्वे किया गया है, इसमें दो एकड़ 24 डिसमिल जमीन पर अतिक्रमण पाया गया है।

राज्य शासन ने ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र की नजूल व सरकारी जमीन पर बेजा कब्जा के संबंध में जानकारी मांगी है। इसके लिए भू अभिलेख शाखा को निर्देश दिए गए थे कि राजस्व विभाग से मिलकर इसके लिए सर्वे कराने के बाद जमीन की विस्तृत जानकारी राज्य शासन को भिजवाई जाए। 30 अक्टूबर 2007 को राजस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने जिले के सभी अपर कलेक्टरों की रायपुर में बैठक ली थी। इसके बाद 8 नवंबर को कलेक्टरों के नाम पत्र भी लिखे गए थे। इसमें कहा गया है कि नजूल परिवर्तित और सरकारी जमीन पर शहरी और ग्रामीण इलाकों में बेजा कब्जा कर लोग उसका व्यवसायिक और आवासीय उपयोग कर रहे हैं।

प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों पर न भू राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत कार्रवाई की जा रही है और न ही उनसे पट्टों के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। इससे शासन को राजस्व की हानि हो रही है। इसके लिए जिले में सभी विकासखंडों के शहरी, नगर पंचायत और ग्रामीण इलाकों में सर्वेक्षण कराने के बाद उसका रिकार्ड तैयार कर शासन को भेजना था। शासन इस आधार पर जमीन से अतिक्रमण हटाने और उसके अन्य उपयोग के लिए निर्देश जारी करेगा।

जिला प्रशासन के निर्देश पर राजस्व विभाग ने शहरी इलाके में सर्वेक्षण कराने के बाद 97 हजार 500 वर्गफीट (दो एकड़ 24 डिसमिल) जमीन पर कब्जा करना पाया है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अब तक सर्वे नहीं हो पाया है। इस संबंध में भू-अभिलेख शाखा के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में सरकारी जमीन को नजूल की जमीन अब तक घोषित नहीं किया गया है। इस वजह से इस जमीन का सर्वे करना संभव नहीं हो रहा है। उधर शहरी इलाके में सर्वे के दौरान जिन इलाकों में नजूल की जमीन पर अतिक्रमण पाया गया है, उसकी मोहल्लेवार जानकारी सीडी में तैयार कर ली गई है। इसे शासन को भिजवाया जाएगा। इसके बाद वहां से निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





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