bhaskar Web English
HomeNewsMadhya PradeshGwalior Gwalior

चंबल क्षेत्र में बर्बाद हो रही जमीनों का विकास संभव

GWLग्वालियर: डा. पद्मिनी पणिणी का कहना है कि उत्तरी चंबल क्षेत्र में बीहड़ के रूप में बर्बाद जमीन को बचाया जा सकता है। उन्होंने रविवार को जीवाजी विश्वविद्यालय में ‘आपदा प्रबंधन एवं भारत का सतत विकास’ पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन चंबल क्षेत्र में जमीन की बर्बादी पर अपने व्याख्यान में इसके सतत विकास के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के वक्ता डा.सूर्यनारायण महापात्रा ने सुनामी आपदा के पश्चात अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में किए गए अपने अध्ययन पर व्याख्यान दिया। उन्होंने आपाद के दौरान व बाद में प्रबंधन के संबंध में भी जानकारी दी।

जीविवि में राजनीति विज्ञान अध्ययनशाला के अध्यक्ष ने अमेरिका के कैटरीना तूफान की आपदा के बाद प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में हुई लापरवाही के लिए वहां के प्रशासन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका में आपदा के बाद प्रभावितों को राहत मुहैया कराने में वहां के प्रशासन का रुझान नवउदारवादी मानसिकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय संबंधित देशों व प्रदेशों की सरकारों तथा सामाजिक समूहों को तुरंत व्यवस्थित राहत पहुंचानी चाहिए। कार्यक्रम में एसडीएम भितरवार एसके सक्सेना, तहसीलदार डीडी शर्मा, उप कुलसचिव डा. आईके मंसूरी, डा. योगेश उपाध्याय, जेके त्रिपाठी, प्लाटून कमांडर ओपी भार्गव सहित कई अधिकारी व शिक्षक उपस्थित थे। संचालन डा. सुधीर सिंह ने किया।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: