अमृतसर. एक मां जो कभी बेटी थी, ने बेटी को जन्म देने के बाद कूड़ेदान में फेंक दिया। सम्मान के साथ दफन होने का हक भी उस नवजात को नहीं मिल पाया। मां ने जन्म देने का खतरा तो उठाया, पर पालने की जिम्मेदारी से मुकर गई।
पुलिस उस मां का पता लगाने में जुटी है। भ्रुण हत्या और बेटियों की बेकद्री के कारण पंजाब गंभीर जनसंख्या असंतुलन के दौर से गुजर रहा है। बेटियों को बचाने के लिए राज्य सरकार ने काफी प्रयास किए हैं। राज्य की सेहत मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने नवजात को कूड़ेदान में फेंके जाने की घटना पर एक आद्र्र अपील की है। अब से बेटी को कूड़े में मत फेंको। न पाल सकते हो तो मेरा दरवाजा खुला है मुझे सौंप दो।
पुलिस ने रविवार को अकाली मार्किट के पास कूड़े के ढेर से नवजात बच्ची का शव बरामद किया। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस जब तक वहां पहुंची तब तक बच्ची मर चुकी थी। शव देखने से लगता है कि नवजात की मौत एक-दो दिन पहले ही हो चुकी थी।
थाना डी डिवीजन के प्रभारी बलदेव सिंह ने बताया कि बच्ची के वारिसों का पता लगाने के लिए पुलिस की टीमों को भेजा गया है। जिस जगह से बच्ची मिली है, वहां आसपास पता लगाया जा रहा है कि पिछले दिनों से कौन-कौन सी महिलाएं गर्भवती थीं। इसके अलावा आसपास के अस्पतालों, नर्सिग होम और दाई के हाथों कितने बच्चे पैदा हुए हैं।