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धारा बदलकर लगाया लाखों रुपए का चूना!

बटाला/जालंधर. करीब दो महीने पहले बटाला रेलवे यार्ड से बिना बिल जब्त करीब 1,130 टन देग (कच्च लोहा) को दावेदारों ने टैक्सैशन विभाग के मोबाइल विंग से मिलीभगत कर सस्ते में छुड़ा लिया।

विभाग ने जब्त देग के दावेदारों को वैट की धारा 51 (7) बी के तहत मात्र 90.63 लाख रुपए का ही जुर्माना लगाया, जबकि जुर्माना धारा 51 (7)सी के तहत लगना था। माल क्लेम करने वालों ने 25 फीसदी जुर्माना जमा कराकर जब्त माल उठाना भी शुरू कर दिया है। दावेदारों ने इस बात की लिखित गारंटी जरूर दी है कि यदि इसका कोई और दावेदार सामने आया तो पूरे माल की कीमत वे जमा कराएंगे। टैक्स एक्सपर्ट्स का दावा है कि जब्त माल का जुर्माना करीब दो करोड़ बनता है।

वैट के तहत खेला खेल
वैट की धारा 51(7)बी के तहत 30 फीसदी जुर्माना, 4 फीसदी वैट जोड़कर 34 फीसदी तथा वैट की ही धारा 51(7)सी के तहत 50 फीसदी जुर्माना व 4 फीसदी वैट जोड़कर 54 फीसदी रकम जुर्माना वसूली जाती है। यह धारा तब लागू होती है, जब माल बाहर से आया हो और इसकी सूचना आईसीसी बैरियर को न हो।

सवालों के घेरे में मोबाइल विंग
एक ओर तो पंजाब सरकार कमजोर सरकारी खजाने का रोना रो रही है, दूसरी ओर खजाने को चूना लगाने वालों को सस्ते में रफा-दफा कर दिया गया। जब्त माल का भार कभी 1,130 टन तो कभी 1,033 टन बताया गया। यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि छापा मारे जाने से पहले ही मालगाड़ी से उतारकर भेजे जा चुके 970 टन माल की तो पड़ताल ही नहीं हुई।

संसदीय सचिव ने भी साधी चुप्पी
टैक्सेशन डिपार्टमैंट के इंचार्ज, संसदीय सचिव एवं विधायक जगदीश साहनी भी बटाला के ही हैं, पर उन्होंने भी अब इस मामे पर चुप्पी साध ली है।

पहचान छिपाने का नया खेल
जब्त किए देगी लोहे को जिसने मंगाया, वह दो महीने तक तो चुप रहा और अधिकारियों से सांठ-गांठकर माल छुड़ा ले जाने का तरीका तलाश लेने के बाद ही सामने आया। उसने बाकायदा व्यापारिक एसोसिएशन बनाई और उसके जरिये क्लेम लेने की कवायद की। जुर्माना भरने के लिए भी नए चेहरे के रूप में पेश हुआ।

यह है मामला
16 अक्तूबर, 07 को केंद्रीय उत्पाद सीमा शुल्क विभाग और टैक्सैशन डिपार्टमैंट के मोबाइल विंग ने बटाला रेलवे यार्ड में बिना बिल के देग से लदी मालगाड़ी पकड़ी थी। सूचना देने वाले ने मालगाड़ी में करीब दो हजार टन देग बताई थी। छापा पड़ने से पहले ही व्यापारी 970 टन माल ठिकाने लगा चुके थे। अधिकारियों ने करीब 1,030 टन देग सील कर दी थी। यह माल गोवा के एप्रैंट स्टील प्लांट में तैयार हुआ है और इंडो आर्यन ट्रांसपोर्ट कंपनी द्वारा मंडी गोबिंदगढ़ की बाला जी ट्रेडिंग कंपनी के लिए गोवा से मालगाड़ी में बुक कराया गया। पर बाला जी ने डिलीवरी मंडी गोबिंदगढ़ में नहीं ली और इसे बिना बिल के बटाला स्थित देग कारोबारियों को बेच दिया। पकड़े जाने से पहले भी करीब पांच मालगाड़ियां ऐसा माल बटाला ला चुकी हैं।

* बटाला से पकड़े माल की मात्रा 1,033 टन थी। वैट की धारा 51(7) बी के तहत 34 फीसदी जुर्माना लगाया जाना कानूनी तौर पर सही है।
- जसपिंदर सिंह, असिस्टैंट डायरैक्टर, मोबाइल विंग, जालंधर

* डीईटीसी जालंधर कमलजीत सिंह ने शायद कल ही जुर्माना लगाने वाले को सूचित किया है। जुर्माना किस धारा के तहत लगाया गया, इसकी मुझे ज्यादा जानकारी नहीं। सोमवार को कानूनी पहलुओं पर विचार कर कार्रवाई होगी।
- नीलकंठ (आईएएस), डायरैक्टर मोबाइल विंग, पंजाब





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