मुंबई. देश के कुछ इलाकों में जहां आज भी बेटी को जन्म के बाद मार दिया जाता है, वहीं मुंबई में एक मां ने अपनी जान की परवाह किए बिना तेंदुए से लड़कर
अपनी सात साल की बेटी को मौत के मुंह से बचाया। गंभीर रूप से घायल बेटी को अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उसकी हालत चिंता से बाहर है। वहीं मां को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
घटना संजय गांधी नेशनल पार्क के पास की है। इस पार्क के पास ही बेहंदीपाडा इलाके में रहने वाली ध्रुपदा की सात साल की बेटी प्रतीक्षा कांबडी शनिवार सुबह सात बजे खेल रही थी। तभी एक तेंदुआ वहां आया और उसने प्रतीक्षा पर हमला कर दिया। तेंदुआ प्रतीक्षा को अपने मुंह से पकड़कर भागने की तैयारी में ही था कि ध्रुपदा की नजर उस पर पड़ गई। अपने कलेजे के टुकड़े को मौत के आगोश में देख ध्रुपदा जान की परवाह किए बिना तेंदुए पर टूट पड़ी और बच्ची को उसके मुंह से खींच ही लिया। एक मां का इस तरह का साहस देख तेंदुआ भी वहां से तुरंत भाग छूटा। तेंदुए से जूझते हुए ध्रुपदा को भी काफी चोटें आई। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय नागरिकों व प्रशासन दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
पार्क के फील्ड निदेशक पी. एन. मुंडे ने बताया कि पार्क में 20 से ज्यादा तेंदुए रहते हैं, लेकिन पिछले एक साल में यह पहला मौका है, जब किसी तेंदुए ने इंसान पर हमला किया हो। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने पार्क की सीमा में ही घर बना लिए है, जिसके कारण इस तरह की घटनाए होती हैं।