अजमेर. अंतरिक्ष में दहकता अंगारा कहलाने वाला मंगल ग्रह 19 दिसंबर को पृथ्वी के करीब से गुजरेगा। यह खगोलीय घटना रात्रि के समय होने के कारण मंगल
ग्रह आकाश में तेज लाल चमकता हुआ दिखाई देगा।
जीसीए में ज्योग्राफी के लेक्चरर डॉ. गणोश शर्मा ने बताया किअमूमन दूरबीन से नजर आने वाला यह ग्रह 19 दिसंबर को दूरबीन के बिना भी देखा जा सकेगा। उस समय मंगल ग्रह की पृथ्वी से दूरी 8 करोड़ 84 लाख किमी होगी। 19 दिसंबर को शाम सात बजे मंगल ग्रह मिथुन राशि में रहेगा। उन्होंने बताया कि पृथ्वी 12 महीने में सूर्य की परिक्रमा करती है, जबकि मंगल ग्रह को सूर्य का एक चक्कर लगाने में 686.9 दिन का समय लगता है। जिस समय पृथ्वी और मंगल के बीच में सूर्य होता है, उस समय पृथ्वी एवं मंगल के बीच की दूरी सर्वाधिक 40 करोड़ 13 लाख किलोमीटर होती है। इससे पहले 27 अगस्त 2003 को मंगल पृथ्वी के नजदीक से गुजरा था। 28 जनवरी 2010 को मंगल फिर पृथ्वी के नजदीक होगा, तब दोनों के बीच दूरी 9 करोड़ 93 लाख किलोमीटर होगी।
खगोलीय घटना..
जीसीए में ज्योग्राफी के लेक्चरर डॉ. अजय शर्मा का कहना है कि मंगल ग्रह का पृथ्वी के नजदीक से गुजरना एक खगोलीय घटना है। कई तरह की गैस के मिश्रण से यह लाल रंग का दिखाई देता है। इसके पृथ्वी के नजदीक आने से ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव बढ़ सकता है। पृथ्वी पर गर्मी बढ़ सकती है। बर्फ पिघलने से समुद्र का जलस्तर भी बढ़ सकता है।
राजनीतिक उथल-पुथल होगी
ज्योतिषाचार्य पं. जगदीश शास्त्री का कहना है कि मंगल ग्रह मिथुन राशि में है। इसको दो भागों में बांटते हैं। एक सायन मंगल जो कर्क राशि में है, जबकि दूसरा निरयन मंगल जो मिथुन राशि में है। कर्क राशि का मंगल नीच का होता है, उस समय वह पृथ्वी के नजदीक होता है। अब मंगल पृथ्वी के नजदीक है। नीच का मंगल पर्यावरण को प्रभावित करता है। इस खगोलीय घटना से आपराधिक मामले बढ़ेंगे और पर्यावरण को नुकसान होगा। इसी तरह राजनीति में उथल-पुथल होगी।