नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की एक जेल से 299 कैदियों के भाग जाने की घटना को लेकर राज्य के डीआईजी जेल पीडी वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छग सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
सरकार ने रविवार के इस घटनाक्रम के मामले में एक मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दे दिए हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री रमन सिंह ने वर्मा को सस्पेंड करते हुए कहा कि प्रथम दृष्ट्या पाया गया है कि उन्हाेंने जेलों के निरीक्षण में लापरवाही बरती जो कि कर्तव्य का उल्लंघन है।
दंतेवाड़ा एसपी राहुल शर्मा ने कहा कि भागे गए कैदियों में से 105 नक्सलियों की तलाश में गए पुलिसकर्मी लैंड माइनों के खतरे के कारण सतर्कता से जंगलों का मुआयना करते रहे।
मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से पूरा ब्यौरा मांगा है और निर्देशित किया है कि छत्तीसगढ़ की जेलों में सुरक्षा बढ़ा दी जाए। गौरतलब है कि रविवार को पूर्व नियोजित साजिश के तहत दंतेवाड़ा जेल से 299 कैदी सुरक्षा गार्डो पर हमला कर भाग गए थे।
केंद्रीय गृह सचिव मधुकर गुप्ता ने राज्य पुलिस प्रमुख से इस जेल तोड़कर भागने के मामले में बातचीत कर उन्हें कड़े सुरक्षा प्रबंध करने के लिए निर्देशित किया। इससे दो साल पहले बिहार के जहानाबाद में जेल तोड़ने की घटना के बाद नक्सल प्रभावित राज्यों को रात में रौशनी और सुरक्षा के बेहतर प्रबंध करने के निर्देश दिए गए थे।
मिलीभगत हो सकती है :
दंतेवाड़ा जेल में बंद कैदियों और अन्य से बातचीत करने के बाद रायपुर के एक उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारी ने कहा कि इतने कम समय में और इतने सुव्यवस्थित ढंग से कैदी भागे हैं कि पूरी संभावना है कि इस साजिश में जेल स्टाफ की मिलीभगत हो। कुछ ऐसी सूचनाएं हैं और उनकी सत्यता की जांच की जा रही है।