Manoranjan
Telly Talk Telly Talk इन दिनों छोटे परदे पर रियलिटी शो की बाढ़ आई हुई है और इनकी बहती गंगा में हर कोई हाथ धोने को बेताब है। फिल्म जगत भी इससे अछूता नहीं है। हालात ये हैं कि
आजकल रिलीज होने वाली फिल्मों के प्रचार के लिए इनका जमकर इस्तेमाल हो रहा है। यह घरों में बैठे लाखों दर्शकों तक अपनी फिल्मों के प्रचार का बेहतरीन जरिया है। हालांकि पहले भी ऐसा होता रहा है लेकिन आजकल इसका चलन कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। अब तो ऐसे रियलिटी शो के दूसरे एपिसोड से ही बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारे बतौर विशेष अतिथि पधारकर अपनी फिल्मों के प्रमोशन में जुट जाते हैं। इससे शो की टीआरपी तो बढ़ जाती है लेकिन शो के असली सितारे यानी प्रतिभागियों की चमक फीकी पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
जी टीवी के रियलिटी शो ‘सारेगामापा’ को डायरेक्ट करने वाले ज्ञान सहाय कहते हैं, ‘हां, यह बात सच है कि जब रियलिटी शो में दीपिका पादुकोण और सलमान खान जैसे सितारे आते हैं तो प्रतिभागी उनके स्टारडम के तले दब जाते हैं। शो में इन सितारों के पोस्टर्स लगाए जाते हैं ओर प्रतिभागी उनके गीत गाते हैं लेकिन आखिरकार तो यह बाजारवाद के हथकंडे हैं और दोनों को फायदा पहुंचाते हैं। इससे जहां हमारे शो की टीआरपी बढ़ जाती है, वहीं इन सितारों की फिल्मों की मुफ्त में पब्लिसिटी हो जाती है।’
हालांकि स्टार वॉइस ऑफ इंडिया के डायरेक्टर गजेंद्र सिंह इससे सहमत नहीं हैं। वे कहते हैं, ‘मैं इसको इस तरह देखता हूं कि हमारे शो में ऋषि कपूर और नीतू सिंह या संजय लीला भंसाली की उपस्थिति से प्रतिभागियों को हौसला बढ़ा और उन्हें इन लोगों से काफी कुछ सीखने को भी मिला। यह परस्पर सहभागिता का रिश्ता है। हमें बड़े सितारे चाहिए क्योंकि हमें अपने शो की टीआरपी बढ़ानी है और उन्हें हमारी जरूरत है क्योंकि हमारा दायरा काफी विस्तृत है। इसमे शिकायत कैसी?’