इंदौर.
बड़वानी के शासकीय महाविद्यालय में अध्ययनरत बीए द्वितीय वर्ष का छात्र मस्तराम बड़ोले इन दिनों दोनों किडनियां खराब होने से इंदौर के चोइथराम अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रहा है। उसकी जिंदगी बचाने के लिए आशाग्राम ट्रस्ट के साथ हजारों लोग खड़े हैं। २१ वर्षीय मस्तराम को बचाने के लिए बड़वानी से शुरू हुआ अभियान इंदौर तक पहुंच गया है।
आठ साल की उम्र से ही परेशान
मस्तराम के मामा छतरसिंह बड़ोले ने बताया वह आठ साल की उम्र में पोलियो से ग्रस्त हो गया था। मार्च क्७ में पता चला उसकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं।
सभी ने खुले दिल से की सहायता
>> सभी ने खुले दिल से आर्थिक सहायता की है। शायद लाख रुपए से भी ज्यादा का डोनेशन जमा हो चुका है। ऑपरेशन कब होगा, इस संबंध में बालक का उपचार कर रहे डॉ. प्रदीप साल्गे ही बता पाएंगे।
डॉ. अमित भट्ट, असिस्टेंट डायरेक्टर, चोइथराम हॉस्पिटल इंदौर