अमृतसर. सौ करोड़ रुपए के निवेश को लेकर 35 बैंकों ने अधिक से अधिक ब्याज दर लेकर नगर निगम के दरवाजे पर दस्तक दी है। इनमें से पांच बैंकों के भाग खुले हैं। सबसे ज्यादा फायदे में इंडस व बैंक आफ पंजाब रहे । इन्हें 40 से 31 करोड़ रुपए का डिपाजिट मिला है।
35 बैंकों द्वारा पेश कोटेशन पर मेयर इंजीनियर श्वेत मलिक व कमिश्नर डीपीएस खरबंदा ने शुक्रवार विचार-विमर्श किया। इस दौरान 26 बैंक मैनेजरों ने अपनी ब्याज दर पेश की। पांच बैंक मैनेजरों ने मौके पर ब्याज की बोली भी बढ़ाई जिससे गेम उनके पक्ष में हो गई। 91 दिनों के लिए 8.81 प्रति ब्याज की दर से सैंट्रल बैंक आफ इंडिया व विजया बैंक में 10 व 9 करोड़ रुपए क्रमश: जमा करवाए गए हैं।
इसी तरह छह माह के लिए 9.28 प्रतिशत की ब्याज दर से बैंक आफ राजस्थान व बैंक आफ पंजाब में दस दस करोड़ जमा करवाए गए हैं। 9 माह के लिए बैंक आफ पंजाब में 9.38 प्रतिशत के ब्याज पर तीस करोड़ रुपए और इंडस बैंक में 9.51 प्रतिशत के ब्याज पर तीस करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं।
इंडस बैंक में एक करोड़ रुपए का फ्लैक्सीबल अकाउंट खुलवाया गया है। मेयर श्वेत मलिक ने कहा कि अत्याधिक ब्याज लेने के उद्देश्य से ही सौ करोड़ रुपए को इस तरह से बांटा गया है। जैसे-जैसे विकास कार्य होते जाएंगे, भुगतान के लिए उक्त राशि को बैंक से निकलवा लिया जाएगा। इससे आमदन भी होगी और विकास भी।
कमिश्नर डीपीएस खरबंदा ने बताया कि अधिक से अधिक ब्याज लेना उद्देश्य रखा गया था, वह पूरा हुआ है। अधिक बोली देने वाले बैंकों में ही राशि जमा करवाई गई है। इस अवसर पर एसई लक्ष्मणदास, डीसीएफए पीके कपूर, लीगल एडवाइजर संजीव सोनी आदि विशेषरूप से उपस्थित हुए।