अमृतसर.
ट्रैफिक पुलिस ने तीन दिनों में बिना हैलमेट और दस्तावेज ड्राइविंग करने वाले 1718 वाहन चालकों के चालान काटे हैं। आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है। एसपी ट्रैफिक सुरिंदर सिंह सिद्धू ने चालकों को ड्राइविंग के दौरान हेलमेट, सभी दस्तावेज साथ रखने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि अब तक के इतिहास में इस तरह की कार्रवाई कभी नहीं हुई। इससे पूर्व नवंबर के पूरे महीने में ट्रैफिक पुलिस ने 1264 वाहनों के चालान काटे थे।
वर्ष 2007 के पहले महीने जनवरी में ट्रैफिक पुलिस ने 680 चालान काटे। इसी तरह फरवरी में 713, मार्च में 600, अप्रैल में 970, मई में 860, जून में 1183, जुलाई में 1154, अगस्त में 1090, सितंबर में 1222 और अक्तूबर में 1143 वाहनों के चालान किए गए। एसपी ने कहा कि लोग अगर ट्रैफिक नियमों का पालन करने लगें तो 70 फीसदी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। ऐसे में लोगों को हमारा सहयोग करना चाहिए।
दिन में 400 से अधिक चालान का टारगेट
ट्रैफिक पुलिस ने प्रतिदिन 400 से अधिक चालान का टारगेट रखा है। 18 दिसंबर को 449, 19 को 401, 20 को 468 और 21 दिसंबर को 400 चालान से टारगेट स्पष्ट हो जाता है।
भरेगा सरकारी खजाना
वित्तीय संकट में उबरने के लिए प्रदेश की अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार ने टैक्सों के अलावा सरकारी खजाना भरने के लिए चालान पर जोर दिया है। नवंबर माह में 3 लाख 45 हजार रुपए की चालान जुर्माना राशि खजाने में जमा हुई। दिसंबर में यह रकम चार गुना बढ़ने की उम्मीद है।
बिना ड्राइविंग लाइसेंस के अधिक चालान
ट्रैफिक पुलिस हर माह वाहनों के शीशों पर ब्लैक फिल्म लगाने वाले 5 से 12 गाड़ियों के चालान काटती है। ऐसे ही बिना ड्राइविंग लाइसेंस पर 100 से 400, बिना रजिस्ट्रेशन 10 से 30, बिना नंबर 30 से 60 तथा अन्य नियमों की उल्लंघना पर 200 से 500 चालान हर महीने काटे जा रहे हैं। बिना सेफ्टी बैल्ट के चालानों की संख्या 2 से 10 की प्रति माह है।
आपकी सुरक्षा के लिए ही सख्ती : एसएसपी
एसएसपी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि इस साल नवंबर माह तक 148 सड़क हादसे हो चुके हैं। इनमें 110 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 200 घायल हुए। ये सभी दुर्घटनाएं कहीं न कहीं यातायात नियमों के उल्लघंन के कारण ही हुई हैं। अब अगर हम सख्ती नहीं करेंगे तो क्या लोगों को मरने के लिए छोड़ देंगे? लोगों की सुरक्षा के लिए ही इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों को भी इसमें सहयोग देना चाहिए।