लुधियाना. महात्मा गांधी, शहीद-ए-आजम भगत सिंह, मिसाइलमैन एपीजे अब्दुल कलाम, मदर टेरेसा, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी से लेकर अमिताभ बच्चन व राखी सावंत क्या एक साथ एक ड्राइंगरूम में मौजूद हो सकते हैं? ऐसा महज कल्पना में ही संभव है और इस कल्पना को मोम रूप में साकार कर दिखाया है, उद्योगपति व कलाकार चंद्रशेखर प्रभाकर ने।
प्रभाकर ने लंदन के प्रसिद्ध मैडम तुसाद म्यूजियम की तर्ज पर ही अपने ड्राइंगरूम में वैक्स म्यूजियम बनाया है। लगभग दो दर्जन मशहूर हस्तियों के पुतले बनाने वाले प्रभाकर ने बताया कि वे इनको बनाने के लिए बी-वैक्स का प्रयोग करते हैं।
एक पुतले को बनाने में एक महीने का समय और 70 हजार रुपए तक खर्च आता है। हाल ही में उनके पुतले जालंधर के हार्डीस वल्र्ड में प्रदर्शित किए गए। प्रभाकर फिलहाल कल्पना चावला और शाहरुख का पुतला बनाने में जुटे हैं। उनकी इच्छा अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का पुतला बनाने की भी है।
चैलेंज से बना म्यूजियम: प्रभाकर ने मैडम तुसाद म्यूजियम देखकर जब पंजाब में भी ऐसा ही म्यूजियम बनाने की इच्छा जताई तो लोगों ने नामुमकिन करार दिया। तब उन्होंने इसे एक चैलेंज के रूप में लिया और छह साल की मेहनत से दो दर्जन पुतले बनाकर मुमकिन कर दिखाया।