जयपुर. आरपीएससी की ओर से आरएएस परीक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं की उस समय पोल खुल गई, जब शुक्रवार को जिला परिषद में बनाए गए कंट्रोल रूम में डुप्लीकेट प्रवेश पत्र लेने और सेंटर जानने के लिए परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी।
भीड़ होने से कंट्रोल रूम की सारी व्यवस्था गड़बड़ा गई। कोई डुप्लीकेट प्रवेश पत्र बनवा रहा था तो कोई सेंटर देख रहा था। चार साल बाद हो रही आरएएस प्रारंभिक परीक्षा रविवार को दो पारियों में होगी। परीक्षार्थी सुबह से ही कंट्रोल रूम पहुंचने लगे थे। अपना सेंटर जानने आई डीसीएम निवासी अनिता देवी आरपीएससी को कोस रही थी।
उसका कहना था कि उसके प्रवेश पत्र के साथ दूसरे सेंटरों की लिस्ट आई है। इसी तरह गजसिंहपुरा से आई सरोज कुमारी ने बताया कि आरपीएससी के भरोसे वह प्रवेश पत्र का इंतजार करती रहती तो परीक्षा नहीं दे पाती। अगर हाथ में डुप्लीकेट प्रवेश पत्र होगा, तो परीक्षा तो दे सकेगी। कई परीक्षार्थी ऐसे थे जो दूर दराज इलाकों से प्रवेश पत्र लेने आए थे।
विकलांग होने के बावजूद भरतपुर सेंटर
कंट्रोल रूम में शुक्रवार जयपुर के स्थान पर दूसरे जिलों में परीक्षा केंद्र आबंटित होने की शिकायत लेकर कई परीक्षार्थी पहुंचे। शांति नगर दुर्गापुरा की रहने वाली विकलांग रश्मि शर्मा ने बताया कि फार्म में जयपुर का सेंटर कोड भरा था, फिर भी उसे भरतपुर सेंटर दिया गया है।
गलत पहुंची सेंटर लिस्ट
आरएएस परीक्षा के लिए जारी किए गए प्रवेश पत्र के साथ सेंटर लिस्ट भी जारी की गई है, लेकिन कई परीक्षार्थियों का रोल नंबर अलग है तथा सेंटर लिस्ट दूसरे रोल नंबर वाली पहुंची है। ऐसे ही कई परीक्षार्थी कंट्रोल रूम पहुंचे। इसी समस्या को लेकर कंट्रोल रूम पहुंचे बद्रीनारायण ने बताया कि इस तरह का प्रवेश पत्र केवल मेरे पास नहीं पहुंचा है, बल्कि कई परीक्षार्थियों के पास पहुंचे हैं।