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International International मेलबोर्न/ बेंगलूर.
ग्लासगो बम विस्फोट के सिलसिले में आतंकवाद का आरोप झेल रहे भारतीय डॉक्टर मोहम्मद हनीफ ने अपने पक्ष में एक और कानूनी लड़ाई जीत ली है। आस्ट्रेलिया की फेडरल कोर्ट ने शुक्रवार को उनके वर्क वीजा को बहाल रखने का आदेश दिया। इससे पहले ब्रिस्बेन की एक कोर्ट ने भी उनके वर्क वीजा को बहाल करने का आदेश दिया था।
आस्ट्रेलिया सरकार ने इस आदेश को फेडरल कोर्ट में चुनौती दी थी। फैसले के बाद हनीफ के वकील पीटर रूसो ने कहा, ‘कोर्ट के इस फैसले के बाद हम हनीफ को उनका वीजा वापस दिलवाने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ गए हैं’।
क्या है मामला : आस्ट्रेलिया के तत्कालीन आव्रजन मंत्री केविन एंड्रयूज ने ब्रिटेन के संदिग्ध आतंकी सबील और कफील से कथित संबंधों का हवाला देते हुए हनीफ का वर्क वीजा निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ हनीफ ने कोर्ट की शरण ली थी।
प्रतिक्रियाएं :
>> ‘डॉक्टर हनीफ नौकरी पर लौट सकते हैं’।
-क्रिस इवांस, आव्रजन मंत्री आस्ट्रेलिया
>> ‘आज दोहरी ईद का दिन है’।
- अशफाक अहमद, हनीफ के ससुर, बेंगलूर में
हनीफ प्रसंग : एक नजर
2 जुलाई : ब्रिस्बेन में गिरफ्तार
14 जुलाई : आतंकवादी गतिविधियों में सहयोग का आरोप
16 जुलाई : जमानत मिली
27 जुलाई : आरोप मुक्त
29 जुलाई : भारत वापसी
21 अगस्त : कोर्ट ने सरकार के वीजा निर्णय को बदला