मेलबोर्न.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 26 दिसंबर से प्रारंभ होने वाली चार क्रिकेट टेस्ट मैचों की सिरीज के पहले मैच में पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ द्वारा पारी की शुरुआत करने की संभावनाएं काफी कम हैं। वैसे मध्यक्रम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज से ओपन कराने की संभावनाओं के बारे में विचार न करने के लिए टीम मैनेजमेंट के पास कई कारण हैं।
इस विचार के पीछे द्रविड़ की अनुपस्थिति में तीसरे नंबर के बल्लेबाजी विकल्प की खोज और मध्यक्रम में शानदार प्रदर्शन करने वाले द्रविड़ के क्रम से छेड़छाड़ न करने का है। वैसे द्रविड़ टीम हित को सर्वोपरि मानते हैं। वे प्रत्येक जिम्मेदारी उठाने को तैयार रहते हैं लेकिन कप्तानी छोड़ने व ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सिरीज से बाहर रखे जाने के बाद से टीम में अपनी जगह बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
विक्टोरिया के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच प्रारंभ होने से पहले तक द्रविड़ से पारी की शुरुआत कराने और वीवीएस लक्ष्मण को नंबर तीन पर भेजने का विचार चल रहा था। इन दोनों बल्लेबाजों ने 2003 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर शानदार प्रदर्शन किया था। दोनों ने इस दौरे पर 1000 से भी ज्यादा रन बनाए थे। वैसे दोनों ही बल्लेबाज उनके लिए विचार किए जा रहे नए बल्लेबाजी क्रम से असहज हैं।
यदि द्रविड़ का पुराना क्रम बरकरार रहता है तो युवराज सिंह के पहले टेस्ट में बाहर बैठने की पूरी संभावना है। अभ्यास मैच के पूर्व भारतीय क्रिकेट बोर्ड की तकनीकी समिति के अध्यक्ष सुनील गावसकर ने द्रविड़ के साथ तकनीकी मामलों पर लंबी चर्चा की। एक टेलीविजन चैनल पर गावसकर ने पहले टेस्ट में सहवाग से पारी की शुरुआत करने की बात कहते हुए भारतीय रणनीति की झलक दिखा दी है।
एमसीजी, एससीजी और एडीलेड में रहा है स्पिनरों का दबदबा
नई दिल्ली.
भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया दौरे में चार टेस्ट मैच खेलना है। इनमें से तीन वह ऐसे मैदानों पर खेलेगा जहां स्पिनरों ने अपने जलवे दिखाए हैं। मेलबोर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी), सिडनी क्रिकेट ग्राउंड और एडीलेड ओवल पर समय-समय पर स्पिनरों ने विकेट झटके हैं और तेज गेंदबाजों का वर्चस्व तोड़ा है।
चौथा टेस्ट मैच भारत को पर्थ के वाका ग्राउंड पर खेलना है जहां जरूर पिच से तेज गेंदबाजों की मदद मिलती रही है। इस नजरिये से देखा जाए तो भारत का स्पिन गेंदबाजी में पलड़ा भारी है।
भारत के पास कप्तान अनिल कुंबले और हरभजनसिंह जैसे अनुभवी अंतरराष्ट्रीय स्पिनर हैं तो मेजबान ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी ब्रेड हॉग के पास होगी। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज शेन वार्न ने भारत की स्पिन ताकत को देखते हुए कहा है कि भारत का प्रदर्शन बहुत कुछ कुंबले और हरभजनसिंह के ऊपर निर्भर करेगा।
20 विकेट का सवाल
वार्न ने कहा सिडनी और एडीलेड की पिचें ज्यादातर सपाट हैं लेकिन सबसे अहम मुद्दा है क्या भारत 20 विकेट ले सकता है? एमसीजी पर 35 से अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों में चार स्पिनर शामिल हैं। खुद वार्न ने इस मैदान पर 56 विकेट झपटे हैं।
भारत की ओर से एमसीजी पर कपिल देव ने सर्वाधिक 14 विकेट लिए हैं जबकि चंद्रशेखर ने 12, रवि शास्त्री ने 9, शिवलाल यादव और अनिल कुंबले 8-8 और बिशनसिंह बेदी, इरापल्ली प्रसन्ना व वीनू मांकड़ तीनों ने 6-6 विकेट लिए हैं। एससीजी में शेन वॉर्न ने 64 और स्टुअर्ट मैकगिल ने 53 विकेट लिए हैं।