अहमदाबाद. भाजपा हाईकमान द्वारा गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल को शुक्रवार को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पर नाराजगी जाहिर करते हुए पटेल ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से चर्चा किया जाना बेहतर विकल्प था।
पार्टी द्वारा उनके खिलाफ लिए गए इस कदम के बारे में पहली बार मीडिया से बातचीत करते हुए केशुभाई ने कहा कि अगर मुझे वहां बुलाकर मेरे दृष्टिेकोण के बारे में पूछा जाता या मेरे विचार जाने जाते, तो यह बेहतर तरीका होता।
केशुभाई ने कहा नोटिस की कॉपी मिलने पर वे जवाब जरूर देंगे। गौरतलब है कि शुक्रवार को भाजपा ने चार असंतुष्ट नेताओं के खिलाफ कदम उठाते हुए गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के हित में काम न करने का आरोप लगाया था।
केशुभाई के अलावा पार्टी ने सूरत से सांसद काशीराम राणा को भी नोटिस थमाया था। साथ ही, पार्टी के दो लोकसभा सदस्यों वल्लभ कथीरिया और सोमाभाई पटेल को सस्पेंड कर दिया गया था। जवाब में सोमाभाई पटेल ने कल ही कह दिया था कि वे अब कांग्रेस के लिए काम करेंगे।
क्या कहा था :
केशुभाई ने चुनाव के दौरान कहा था राज्य में मिनी इमरजेंसी जैसे हालात हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को हिटलर की संज्ञा भी दी थी। इसके अलावा सरदार पटेल उत्कर्ष समिति ने केशुभाई के नाम से एक अपील प्रकाशित करवाई थी कि राज्य में तानाशाही के शासन को बदलने के लिए वोट करें।
प्रतिक्रिया :
माना जा रहा था कि चुनाव के बाद असंतुष्टों पर भाजपा कार्रवाई करेगी लेकिन मतगणना से एक दिन पहले पार्टी ने इन नेताओं के खिलाफ कदम उठाया। सोमाभाई पटेल ने सस्पेंड किए जाने के तुरंत बाद कांग्रेस से जुड़ने का ऐलान कर दिया और कहा कि मोदी जैसे नेता उनमें से हैं जो केशुभाई का सींचे पेड़ के फल खा रहे हैं।