कोलकाता. विवादास्पद बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने शनिवार को कहा कि पिछले एक महीने के अनुभवों के बारे में वे जरूर लिखेंगी और उन्हांेने यह उम्मीद भी जताई कि आगामी 17 फरवरी को एक्सपायर होने वाले उनके वीजा की अवधि बढ़ा दी जाएगी।
दिल्ली में एक गोपनीय स्थान से उन्होंने बातचीत करते हुए कहा कि पिछले एक महीने में जो कुछ अनुभव हुए हैं, वे अपनी आत्मकथा में उन्हें जरूर उकेरेंगी क्योंकि इन अनुभवों की वजह से उनके लेखन पर भी असर पड़ा है।
पिछले एक महीने से दिल्ली में तस्लीमा को दोस्तों आदि से मिलने नहीं दिया गया है। इस बारे में उन्होंने कहा कि हालांकि वे जल्द कोलकाता नहीं पहुंच पाएंगी लेकिन फिलहाल वे दिल्ली में एक सामान्य जीवन जी रही हैं और उनकी प्राथमिकताएं हैं एक सामान्य सा जीवन जीना और चैटिंग करना।
गौरतलब है कि विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा था कि अगर तस्लीमा को कोई परेशानी है तो उन्हें संबंधित अधिकारियों से बात करना चाहिए। मुखर्जी के बयान के बारे में तस्लीमा ने कहा है कि यह उम्मीद की किरण है कि उनका वीजा फिर बहाल हो जाएगा।
यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से लेखिका को इस्लामी संगठनों द्वारा धमकियां मिल रही हैं और वे कोलकाता, जयपुर और दिल्ली भटकती फिर रही हैं। अपने उपन्यास द्विखंडिता में से आपत्तिजनक हिस्सों को हटाने के लिए राजी न होने के कारण उन्हें यह धमकियां दी जा रही हैं।