रांची. अगर आने वाले दिनों में सारे विधायक जींस, रंग-बिरंगी शर्टे और टोपी पहने दिखाई दें तो चौंकिएगा मत! झारखड विधानसभा के अध्यक्ष्र आलमगीर आलम विधानसभा में एक ड्रेस कोड लागू करने का मन बना चुके हैं।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और स्वतंत्र विधायक इंदर सिंह नामधारी द्वारा ड्रेस कोड का मुद्दा उठाए जाने के बाद आलम ने कहा है कि सभी पार्टियों के नेताओं और विधायकों के साथ बैठक कर ड्रेस कोड की जरूरत पर सहमति बनाई जाएगी।
नामधारी ने कहा था कि ड्रेस कोड होना चाहिए क्योंकि कई विधायक और मंत्री समुचित पहनावे में नहीं होते हैं जिससे खराब छवि बनती है। इस पर ग्रामीण विकास मंत्री एनोस एक्का, स्वास्थ्य मंत्री प्रताप शाही, विज्ञान व तकनीक मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी, पूर्व गृह मंत्री सुदेश महतो ने ड्रेस कोड के लिए रंग-बिरंगी शर्टो, कैप और प्रिंटेड सूट का सुझाव दिया है।
नामधारी के इस प्रस्ताव पर युवा मंत्रियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि उन्हें चिंता नहीं करना चाहिए, हमें मालूम है, क्या पहनना है और क्या नहीं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष अर्जुन मुंडा ने कुर्ता-पाजामा का सुझाव दिया है।
गौरतलब है कि 82 सदस्यों की विधानसभा में करीब 20 प्रतिशत सदस्यों की उम्र 45 वर्ष से कम है। इसलिए इसे यंग विधानसभा की संज्ञा देते हुए इस विचार पर खासी बहस की जा रही है।