Vaama
Relationships Relationships बच्चे आमतौर पर स्कूल जाने से बहुत डरते हैं। एडमीशन से पहले भी उनके मन में स्कूल के प्रति भय बना रहता है। स्कूल कैंपस में प्रवेश के बाद भी कई बार क्लास में न
जाने के लिए तरह-तरह के बहाने बनाते हैं या रोते हैं। इस डर को जल्द से जल्द दूर करना जरूरी है।
नए वातावरण का खौफ
* छोटे बच्चों को घर से बाहर निकलने में डर लगता है। स्कूल के नए वातावरण के बारे में सोचकर उन्हें घबराहट होती है।
* अपनों से दूर होने का डर भी बच्चे को सताता है।
* छोटे बच्चे अपरिचित चेहरों से भी डरते हैं। इसलिए उन्हें टीचर और स्कूल स्टाफ से डर लगता है। नए दोस्तों से भी वे घबराते हैं।
डर कैसे हो दूर
* संभव हो तो एडमीशन के पहले ही बच्चे को एक बार स्कूल घुमाने ले जाएं तथा वहां की हर जगह से उसे परिचित कराएं। ऐसी स्थिति में जब बच्चा स्कूल जाना शुरू करेगा तो उसे वह स्थान जाना-पहचाना लगेगा। बच्चे का परिचय स्कूल के शिक्षकों तथा दूसरे कर्मचारियों से करवाएं।
* घर आए नए मेहमानों से भी अपने बच्चे को मिलवाते रहें और मेहमानों के सामने उससे हमेशा अच्छा व्यवहार करें। इससे उसमें आत्मविश्वास पैदा होगा और वह अजनबियों से नहीं डरेगा।
* घर में उसे थोड़ी देर के लिए अकेला छोड़ दें। इसके दो लाभ हैं, पहला वह माता-पिता के बिना रहना सीखेगा। दूसरा वह खुद कुछ करने का प्रयास करेगा और इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
* शुरू में उसे पढ़ाई और नई-नई चीजें सीखने का महत्व समझाते हुए स्कूल जाने के लिए उत्साहित करें। दोस्तों के साथ खेलने और मस्ती करने जैसी बातें करके उसका हौसला बढ़ाएं। कभी भी सजा के तौर पर स्कूल भेजने की धमकी न दें, इससे भी बच्चे के मन में स्कूल के प्रति डर बैठ जाता है। स्कूल जाने के फायदे भी उसे बताते रहें जैसे- स्कूल जाने से उसे बहुत सारे मित्र तथा खिलौने मिलेंगे।