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तेरा साथ है कितना प्यारा

फिल्मी दुनिया को ‘चिट्ठी आई है’ जैसा नायाब गीत देने वाले पंकज ने इसी वर्ष शादी के 25 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। हाल ही में मशहूर सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान के संगीत से सजा उनका एलबम ‘यारा’ गजलप्रेमियों के बीच चर्चा का विषय रहा। गायकी पंकज को विरासत में मिली है। उनके भाई मनहर भी बॉलीवुड के मशहूर गायक रह चुके हैं।

मेरी आलोचक और प्रेरणा
गुजरात के जमींदार घराने से संबंधित पंकज ने गजल गायकी में कैरियर बनाने की खातिर 17 वर्ष की उम्र में ही मुंबई की ओर रुख कर लिया था। यहीं उनकी मुलाकात पारसी परिवार की फरीदा से हुई, जो पहली ही नजर में उन्हें भा गईं। उस समय फरीदा एयर इंडिया से जुड़ी हुई थीं।

पंकज के मुताबिक संघर्ष के दिनों में फरीदा मेरे लिए उम्मीद की किरण जैसी थीं। हम दोनों की शादी आसान नहीं रही। करीब तीन साल के अफेयर के बाद डरते-सहमते पंकज ने मंजूरी के लिए फरीदा के रिटायर्ड पुलिस अफसर पिता से मिलने का फैसला किया। फरवरी 1982 में दोनों विवाह बंधन में बंध गए।

अपनी पत्नी के बारे में वे कहते हैं कि फरीदा की पहचान पंकज उधास की पत्नी तक ही सीमित नहीं है। वह अपना अलग वजूद रखती हैं। फरीदा कमाल की प्रशासिका हैं, मेरे एलबम्स में गीतों के सिलेक्शन और उनके लांच में वह मेरी मददगार हैं। मेरी सबसे बड़ी आलोचक और प्रेरणा भी वही हैं। पहले एलबम के लांच के दौरान मुझे कुछ हजार रुपयों की सख्त जरूरत थी। उस वक्त हमारी शादी भी नहीं हुई थी, लेकिन फरीदा ने उधार लेकर मेरे लिए इस राशि का इंतजाम किया।

विश्वास की डोर मजबूत
फरीदा कहती हैं कि शुरू से ही एक-दूसरे के प्रति हमारा विश्वास बेहद गहरा था। बहुत कम लोग ही ऐसे हैं जो अपनी जिंदगी में महिला के योगदान को सराहते हैं, लेकिन पंकज ने हमेशा जिंदगी में मुझे अहम स्थान दिया है। मुझे शुरू से ही उनकी गायन क्षमता पर यकीन था। पंकज और फरीदा की दो बेटियां नायाब (21 वर्ष) और रेवा (12 वर्ष) हैं।





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