हिसार.
साध्वी के यौन शोषण व डबल मर्डर के आरोपों का सामना कर रहे डेरामुखी बाबा गुरमीत रामरहीम सिंह व अन्य के खिलाफ शनिवार को सीबीआई कोर्ट में चल रहे तीन अलग-अलग मामलों में आरोप तय होने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।
तीनों मामलों में बहस होनी थी। करीब एक घंटे तक दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क अदालत में रखे। जिसके बाद कोर्ट ने मामले में आगे की कार्रवाई के लिए 12 जनवरी 2008 की तिथि निर्धारित की।
बाबा गुरमीत रामरहीम सिंह, कृष्णलाल, अवतार सिंह, शब्दील, जसबीर व कुलदीप तथा निर्मल कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश हुए थे। डेरामुखी की ओर से कोर्ट में पेश हुए उनके वकील एसके गर्ग ने कहा कि सीबीआई ने उन्हें मामले से संबंधित पूरे दस्तावेज नहीं दिए हैं।
कोर्ट में एप्लीकेशन दायर कर उन्होंने पूरे दस्तावेज सीबीआई से उन्हें दिलाने के लिए आग्रह किया। गर्ग ने कहा कि उन्हें वह कापी भी नहीं मिली है जिसमें एक साध्वी ने डेरामुखी पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
जिस साध्वी का हवाला देकर सीबीआई ने डेरामुखी के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया है, असलियत में उस साध्वी के साथ दुष्कर्म हुआ ही नहीं है तथा सीबीआई द्वारा यह बात छिपाई जा रही है।
उधर सीबीआई के वकील वीके शर्मा ने कहा कि सीबीआई ने वह सभी दस्तावेज कोर्ट सहित बचाव पक्ष के वकीलों को सौंप दिए हैं। बचाव पक्ष द्वारा ऐसी एप्लीकेशन दायर कर केवल कोर्ट का समय बरबाद व केस को लंबा खींचने का काम किया जा रहा है।
शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की एक रूलिंग के मुताबिक मामले के चार्ज पर होने पर बचाव पक्ष द्वारा किसी भी प्रकार की एप्लीकेशन दायर कर किसी दस्तावजे को नहीं मांगा जा सकता। जो चार्जशीट सीबीआई या पुलिस द्वारा कोर्ट में समय अवधि के तहत पेश कर दी जाती है।
उसी के आधार पर कोर्ट आगे की कार्रवाई करता है। फिलहाल दोनों पक्षों के तर्को को सुनने के बाद कोर्ट ने आगे की कार्रवाई के लिए 12 जनवरी की तिथि निर्धारित की है।