भोपाल. ध्यान, पाप को नष्ट करता है और परमात्मा से मिलाता है। तीर्थ में तो शरीर नहाता है पर ध्यान में अंतरात्मा स्नान करती है और शुद्ध होती है। इसलिए आदर सहित परमात्मा का ध्यान करना चाहिए। यह सद्विचार लाल परेड मैदान में संत आसाराम बापू ने सत्संग महोत्सव के समापन पर शनिवार को व्यक्त किए। संत से दीक्षा लेने के लिए यहां सैकड़ों लोग आए थे।
बापू ने कहा कि भगवान की सृष्टि करोड़ों सालों से चल रही है, जहां अन्याय नहीं न्याय होता है। अगर व्यक्ति पाप की तरफ जाएगा तो अंतरात्मा भयभीत करती है, सही करोगे तो मन में निर्भीकता छलकेगी।
तब अवतरित होंगे भगवान
संत आसाराम बापू के प्रवचन सुनने शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आए। इस मौके पर बापू ने श्री चौहान से कहा, ‘मुख्यमंत्री, हिंदू संस्कृति मिटी तो मानव महाशैतान हो जाएगा। अगर प्रदेश में कोई धार्मिक कार्य होता है, तो प्रशासन को सहयोग करना चाहिए। धार्मिक कार्य होंगे, तो धरती पर भगवान अवतरित होंगे।’
फौज और फकीर की मौज होती है
बापू ने कहा कि संतों को बड़े महलों से कोई लेनादेना नहीं होता। उन्होंने कहा संतों को जहां जाना होता है, वहीं जाते हैं। बापू ने बताया कि एक बार उन्हें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने बुलाया पर वे नहीं गए।
श्री जोगी ने उनसे यह भी कहा कि उनके यहां बड़े महात्मा आए हैं फिर भी वे उनके यहां नहीं गए। बापू ने कहा राजा की फौज और फकीर की मौज होती है। यहां आज बड़ी संख्या में श्रोता आए थे।