भोपाल. जज और अफसरों के फर्जी हस्ताक्षर से सरकारी जमीन को निजी संपत्ति में बदलने वाले कलेक्टोरेट और अदालत के कर्मचारियों के घरों पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) द्वारा छापे मारे गए। अदालत के कर्मचारियों के घरों से कोर्ट के रिकार्ड की करीब 60 फाइलें जब्त की गईं। कलेक्टर कार्यालय के निलंबित कर्मचारी बाबूलाल सुन्हेरे के घर से भी संपत्ति के दस्तावेज मिले। ब्यूरो ने बाबूलाल सुन्हेरे को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है।
सूत्रों के मुताबिक ब्यूरो ने शनिवार को सुबह साढ़े पांच बजे कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारी बाबूलाल सुन्हेरे, अदालत कर्मचारी राकेश शुक्ला, रामचंद्र शर्मा और सादात हुसैन कुरैशी के घर चार अलग-अलग टीम बनाकर छापे की कार्रवाई की। जवाहर चौक सरस्वती नगर निवासी राकेश शुक्ला क्रिमिनल का रिकार्डकीपर है।
निशातपुरा थाने के सामने करौंद में रहने वाला रामचंद्र शर्मा मजिस्ट्रेट एसके श्रीवास्तव की अदालत में क्रिमिनल रीडर है। रामनगर शाहजहांनाबाद निवासी सादात हुसैन कुरैशी सिविल का रिकार्डकीपर है। डीआईजी सुशोभन बनर्जी के नेतृत्व में टीमों ने करीब तीन घंटे तक चारों व्यक्तियों के यहां तलाशी ली।
कोर्ट के रिकार्ड की केस फाइलें मिलीं -सूत्र बताते हैं कि अदालत के कर्मचारियों के घरों पर कोर्ट की केस फाइलें भी मिली हैं। इनके यहां से कुल 60 फाइलें मिलीं, जिनमें श्री शुक्ला के घर 37, श्री शर्मा के पास 16 और श्री हुसैन के यहां से छह फाइलों को जप्त किया गया। ये फाइलें कोर्ट में होती हैं और कर्मचारी इन्हें घर लाने का कोई ठोस कारण नहीं बता सके। इसी तरह बाबूलाल सुन्हेरे के घर से भी पुलिस को कई दस्तावेज मिले हैं।
क्या है मामला
जज और जिला प्रशासन के अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर भोपाल के नजूल (सरकारी) जमीन के रिकार्ड में हेराफेरी की गई। जमीन को निजी भूमि बनाने के लिए दस्तावेज तैयार किए गए। जिला अदालत द्वारा इस मामले में जांच कराकर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो को अपराध दर्ज कर विस्तृत जांच के आदेश दिए गए।
सुन्हेरे रिमांड पर
ब्यूरो ने निलंबित कर्मचारी बाबूलाल सुन्हेरे को शनिवार की शाम गिरफ्तार कर विशेष न्यायाधीश आरके भावे की अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी सुन्हेरे को ईओडब्ल्यू को चार दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है। उससे ब्यूरो ने पूछताछ शुरू कर दी है। अदालत के कर्मचारियों को पूछताछ कर छोड़ दिया गया।