जोधपुर. सिंगापुर के राष्ट्रपति एसआर नाथन एवं उनके पारिवारिक सदस्य जोधपुर की प्राचीन कला वैभव की अमूल्य धरोहर को देखकर अभिभूत हो गए। राष्ट्रपति नाथन ने अपनी जोधपुर यात्रा के दौरान शनिवार को दूसरे दिन यहां के दर्शनीय एवं पर्यटन स्थलों का अवलोकन किया। राष्ट्रपति 548 वर्ष पूर्व निर्मित जोधपुर के इस ऐतिहासिक दुर्ग के वैभव एवं प्राचीन धरोहर के रूप में खड़ा देखकर अत्यंत प्रभावित हुए और उन्होंने इसे प्राचीन स्वर्णिम इतिहास का साक्षी बताया।
नाथन ने कहा कि सैकड़ों वर्र्षो बाद भी इस प्राचीन विरासत की सार संभाल अच्छी है। इसमें वीरता और शौर्य की कहानी स्वत: ही देखने को मिलती है।
राष्ट्रपति नाथन ने मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट द्वारा संचालित विश्व में अपनी अनूठी पहचान रखने वाले संग्रहालय का अवलोकन कर बहुत ही रुचि के साथ हर अनुभाग में इतिहास, कला एवं संस्कृति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मेहरानगढ़ दुर्ग में हाथियों का हौद, पालकीखाना, दौलतखाना आदि को देखकर अभिभूत हो गए। मेहरानगढ़ दुर्ग से जोधपुर शहर के विहंगम दृश्य को भी देखा।
परंपरागत तरीके से किया स्वागत
नाथन के मेहरानगढ़ दुर्ग पहुंचने पर उनका राजस्थान के जाने माने लोक कलाकारों ने नौपत शहनाई वादन तथा लोकगीत नृत्यों की प्रस्तुति के साथ परंपरागत ढंग से स्वागत किया। पर्यटक गाइड प्रीतमसिंह, मेहरानगढ़ के प्रशासनिक अधिकारी एसके भटनागर तथा पर्यटन विभाग के उप निदेशक उमरावसिंह राठौड़ ने उनको जानकारियां दीं। नाथन ने उम्मेद भवन का भी अवलोकन किया और इसे दुनिया की एक बेहतरीन विरासत बताया। राष्ट्रपति ने वहां लगाई गई पेंटिंग प्रदर्शनी को भी देखा।