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Shekhawati Shekhawati सीकर. शिक्षकों के समानीकरण पर शुरू हुई सियासत ने अब नया रूप ले लिया है। कलेक्टर के आदेशों के खिलाफ शनिवार को जिला प्रमुख खुलकर बोली। शनिवार
को जिलापरिषद् की साधारण सभा की बैठक में डीईईओ प्रारंभिक को टीचर-स्टूडेंट्स के अनुपात की सूची तीन दिन में सभी पंचायत समिति प्रधानों को सौंपने के निर्देश दिए हैं। इधर शिक्षकों के समानीकरण पर एक हुए पंचायत प्रतिनिधियों ने सभी ब्लाक शिक्षा अधिकारियों और डीईईओ प्रारंभिक को दूसरे स्कूलों में भेजे जाने वाले शिक्षकों को रिलीव नहीं करने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक में जिला कलेक्टर पर पंचायतीराज अधिनियम 1994 की धारा 89(2) के साथ सहपठित उपधारा तीन और 89(8) के साथ उपधारा 2 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेशों को राजस्थान पंचायतीराज नियम 1996 के नियम 289के उपनियम एक और दो के विपरीत होने के कारण अवैधानिक बताया है।
* कलेक्टर द्वारा शैक्षणिक व्यवस्था के नाम पर शिक्षकों का पदस्थापन किया जा रहा है। ये नियमों के पूरी तरह खिलाफ है। पंचायत कानूनों का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। जिला परिषद् ने स्टूडेंट-टीचर अनुपात की सूची मांगी है, कार्रवाई पंचायत कानूनों के तहत ही होगी।
-मल्लीदेवी, जिलाप्रमुख, सीकर
* समानीकरण नहीं शैक्षणिक व्यवस्था की जा रही है। इसमें पूरी तरह टीचर-स्टूडेंट अनुपात को ध्यान में रखकर काम हो रहा है। पिपराली और धोद ब्लाक की स्थिति ज्यादा खराब है। यहां डेढ़ सौ टीचर दूसरे स्कूलों में भेजे जाएंगे। जो टीचर ज्वाइन नहीं करेंगे उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होगी।
-मंजू राजपाल, जिला कलेक्टर