नई दिल्ली. मुकेश अंबानी के ‘फ्रेश’ फल और सब्जियों को भले ही बड़े खरीदार नहीं मिल पाए हों, लेकिन वह इन उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने वाले हैं।
विस्तार की झलक इस बात से मिल जाती है कि अंबानी ने 50-70 ऐसे मालवाही विमान खरीदने का फैसला किया है, जो कृषि उत्पाद व फल-सब्जियां ढोएंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास रिलायंस एविएशन पहले से है, जिसके पास मालवाही जहाज भी आने वाले हैं। नए साल के मध्य में यह काम शुरू कर देगी।
योजना यह है कि 30-40 टन के कागरे विमान खरीदे जाएंगे और ताजे फल-सब्जियां, फूल और अन्य सामान ढोने का काम करेंगे। छोटी हवाई पट्टियां बनाने के लिए राज्य सरकारों से भी बात की जा रही है। रिलायंस ने अपनी रिटेल योजना की पुनर्रचना शुरू कर दी है। करीब 25 कंपनियों में इस काम को विभाजित किया जा रहा है।
इस कवायद का कारण बड़े रिटेल के खिलाफ राजनीतिक लामबंदी है। आपूर्ति श्रृंखला के प्रबंधन में भी समस्या है। इन सारी कंपनियों की भागीदारी रिलायंस रिटेल के पास होगी। नई संरचना में ताजे फल व सब्जियों का काम रेंजर फार्म के तहत आएगा। रेंजर फार्म को पहले खुदरा विक्रेताओं को सामान बेचने के लिए बनाया गया था। झज्जर में रिलायंस एक ऐसा हवाई अड्डा बनाने में लगी है, जहां मालवाही विमानों की आवाजाही होगी। हरियाणा में ही रिलायंस बड़ा सेज बनाने वाली है।