इंदौर. भगवान दत्तात्रेय की जयंती पर रविवार को कई जगह अनुष्ठान और महाआरती की गई। इस दौरान विचार गोष्ठी और प्रवचन भी हुए। शहर के प्रमुख दो संस्थानों सूर्योदय आश्रम सुखलिया और अण्णा महाराज संस्थान में बड़े आयोजन हुए। इसके साथ ही कृष्णपुरा छत्री स्थित दत्त मंदिर और रामबाग के दत्त मंदिरों में भी सुबह से दर्शनार्थियों की भीड़ लगी रही।
सूर्योदय आश्रम द्वारा सुखलिया के सामुदायिक भवन में आयोजित समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गोपीनाथ मुंडे भी शामिल हुए। इस मौके पर महाराष्ट्र के मंत्री अनिल तटकरे, गृह सचिव चंद्रकांत दलवी, मुंबई के हम्माल माथाड़ी संगठन के अध्यक्ष बाबूराव रामिष्टे, अकोला के विधायक नामदेव पवार, मुंबई की पार्षद विद्या चौहान, वरिष्ठ पत्रकार शचिंद्र त्रिपाठी और हरिभक्त परायण प्रकाश बोधले महाराज ने भी संबोधित किया।
समारोह में संत भय्यू महाराज ने कहा जीवन में नेतृत्व की भूमिका प्रधान है, जो व्यक्ति प्रधान नहीं बल्कि विचार प्रधान होता है। नेतृत्व हिटलर और मुसोलिनी का भी था किंतु वह विध्वंसात्मक होने के कारण आम जनता द्वारा स्वीकारा नहीं गया।
भगवान दत्तात्रेय के नेतृत्व में सत्य, ज्ञान एवं आनंद का अनुभव होता है, वह सहज स्वीकार किया गया है। आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक ने कहा- भय्यू महाराज राष्ट्रभक्त होने के साथ ही मानवता के सच्चे आराधक हैं।
उन्होंने बताया महाराजश्री की जन्म कुंडली में स्वामी विवेकानंद और आद्य शंकराचार्य के सभी ग्रह योग हैं। पं. श्री शर्मा का शाल-श्रीफल और दत्तात्रेय की मूर्ति भेंटकर सम्मान भी किया गया। समारोह में संस्था के अध्यक्ष शरद पवार, सचिव संजय यादव और क्षेत्र के चंद्रकांत कुंजीर ने अतिथियों का स्वागत किया।
संचालन गिरीश दुबे ने किया। आश्रम में शनिवार रात से शुरू हुए नवनाथ महायज्ञ की रविवार सुबह पूर्णाहूति हुई। इस दौरान श्रद्धालुओ ने यज्ञशाला की परिक्रमा भी की। सोमवार को सुबह 10 बजे गुरु दीक्षा का आयोजन होगा।
अण्णा महाराज संस्थान में 1008 दीपों से महाआरती
समारोह में भगवान दत्तात्रेय के स्वरूप भी विद्वानों ने बताए। संत भय्यू महाराज ने बताया भगवान दत्तात्रेय विद्या, बुद्धि और आत्मा का समग्र रूप है। आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया सृष्टि के रचयिता ब्रrा, पालन करने वाले विष्णु और संहारक शिव का संयुक्त स्वरूप दत्तात्रेय हैं। जिन्होंने 24 गुरु बनाकर सबसे अलग-अलग शिक्षा ली थी।
श्री दत्त माउली सदगुरु अण्णा महाराज संस्थान द्वारा तीन दिनी महोत्सव पलसीकर कॉलोनी स्थित आश्रम में मनाया गया। इसके तहत लोगों ने दत्त जन्मोत्सव के वक्त घरों में शाम 6 बजे 11 दीप जलाए। संस्थान में भी संत अण्णा महाराज के सान्निध्य में 1008 दीपों से महाआरती की गई।
इसके बाद दूध और खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। संस्थान के सिद्धार्थ चव्हाण और जय जपे ने बताया महोत्सव के दौरान भैया बंधु और गोपाल व्यास के भजनों की प्रस्तुति भी हुई। महाआरती में इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मधु वर्मा ने भी हिस्सा लिया।