इंदौर. पांचवीं मर्तबा ट्रैफिक नियम तोड़ने पर छह महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने के अधिकार आरटीओ के साथ पुलिस को भी सौंपे जा रहे हैं। एक जिले में निरस्त लाइसेंस दूसरे जिले में भी नहीं बन पाएगा। इसके लिए नियम बदले जा रहे हैं।
इंदौर सहित चार शहरों में लागू होने वाली नई व्यवस्था के दायरे में लोक परिवहन वाहन के साथ दोपहिया व अन्य निजी वाहन चालक भी आएंगे। मुख्यमंत्री भी जल्दी इस पर मुहर लगाने वाले हैं। यह नियम महाराष्ट्र और कर्नाटक में पहले से लागू है।
लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया तय करने की कवायद भोपाल से शुरू हुई थी। वहां ट्रैफिक पुलिस ने लोक वाहन चालकों से नियम पालन कराने के कई प्रयास किए। बार-बार गलती करने वालों के लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश आरटीओ को की तो उन्होंने नहीं मानी।
तब बतौर विकल्प पुलिस ने एक मसौदा तैयार किया। मसौदा पुलिस मुख्यालय की अनुशंसा के बाद सचिवालय पहुंचा। मुख्यमंत्री भी इससे सहमत हैं और फाइल उनके सचिवालय पहुंच गई है।
रिकॉर्ड भी रखा जाएगा : चालान बनने पर ड्राइविंग लाइसेंस पंच करने के साथ ट्रैफिक पुलिस भी रिकॉर्ड रखेगी। पांचवी गलती होने पर लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
पहले चरण में इंदौर सहित चार शहर : पहले चरण में यह नियम इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में लागू किया जाएगा क्योंकि अधिकार डीएसपी ट्रैफिक को दिया जाएगा और वे चार शहरों में ही पदस्थ हैं।
आसान नहीं होगा नया लाइसेंस बनवाना : सभी आरटीओ कार्यालय इंटरनेट से जुड़ गए हैं इसलिए निरस्त लाइसेंस किसी और जिले में भी नहीं बन पाएगा। इसकी सूचना हर महीने इंटरनेट से सभी जिलों के आरटीओ को भेजी जाएगी।
नए साल में ऐसे बनेंगे लाइसेंस : नया नियम बनने की प्रक्रिया से इतर एक जनवरी से हर आरटीओ दफ्तर में नए लाइसेंस बनाने के पहले दूसरे जिलों से जानकारी ली जाएगी। इसके बाद भी किसी ने किसी तरह लाइसेंस बनवा लिया तो उस पर धोखाधड़ी का केस दर्ज होगा।