भोपाल. नगर निगम न्यू मार्केट के बाद अब बोट क्लब को भी ‘नो व्हीकल जोन’ बनाने की तैयारी कर रहा है। खास बात यह है कि बोट क्लब के नो व्हीकल जोन बनने के साथ ही नेशनल पार्क वन विहार खुद-ब-खुद नो व्हीकल जोन बन जाएगा, क्योंकि बोट क्लब रोड पर वाहनों का प्रवेश बंद होगा, तो वन विहार में भी वाहन नहीं जा पाएंगे।
वन विहार में 80 फीसदी पर्यटक बोट क्लब की तरफ बने हुए रामू द्वार से ही प्रवेश करते हैं। फिलहाल कहा जा रहा है कि नगर निगम भारत भवन के पास पार्किग बनाएगा। गौरतलब है कि वन विहार में दो मुख्य द्वार हैं, जहां से पर्यटक प्रवेश करते हैं। बोट क्लब रोड की तरफ रामू द्वार और भदभदा की तरफ चीकू द्वार। चूंकि रामू द्वार बोट क्लब के नजदीक है, इसलिए अधिकतर पर्यटक यहीं से वन विहार जाते हैं।
आमदनी पर फर्क पड़ेगा
एक जनवरी से वन विहार की सैर महंगी होने जा रही है। शासन ने नेशनल पार्र्को की नई दरें लागू कर दी हैं। वन विहार में जीप, कार का प्रवेश शुल्क 400 रुपए और बाइक का 50 रुपए किया गया है। ऐसे में वन विहार में पर्यटकों की संख्या कम होने के आसार हैं। वहीं बोट क्लब के नो व्हीकल जोन बनते ही लोग वन विहार में गाड़ियां नहीं ले जा पाएंगे, जिससे वन विहार की आय में कमी आने की आशंका है।
>> निश्चित ही बोट क्लब को नो व्हीकल जोन बनाए जाने के साथ ही वन विहार में भी लोग बोट क्लब की तरफ से वाहन नहीं ले जा पाएंगे। ऐसी चर्चा है कि बोट क्लब को नो व्हीकल जोन बनाने के साथ ही लोगों को लाने-ले जाने के लिए नगर निगम यहां बैटरी चलित बसें चलाएगा। इन बसों को वन विहार तक चलाए जाने के संबंध में नगर निगम के अधिकारियों से चर्चा की जाएगी।
पीबी गंगोपाध्याय, पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ)
परेशानी बढ़ेगी
जानकारों का कहना है कि बोट क्लब के नो व्हीकल जोन बनने के बाद वन विहार जाने वाले पर्यटकों की परेशानी बढ़ेगी। लोगों को घूमकर वन विहार जाना पड़ेगा। यदि कोई पर्यटक चीकू द्वार से वन विहार जाएगा, तो वह रामू द्वार से वापस नहीं जा पाएगा। वन विहार की सैर करने के बाद उसे घम-फिरकर चीकू द्वार से ही वापस जाना पड़ेगा। ऐसे में उसके समय की बर्बादी होगी। वन विहार में पीक सीजन में रोजाना औसतन करीब 250 वाहन पहुंचते हैं।
1700 पर्यटक पहुंचे
नेशनल पार्क वन विहार की सैर करने रविवार को करीब 1700 पर्यटक पहुंचे। इनमें बच्चों की संख्या ज्यादा थी। इन पर्यटकों से वन विहार को 37 हजार रुपए की आमदनी हुई। वन विहार प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की छुट्टी होने के कारण पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पिछले रविवार को 1100 पर्यटक वन विहार पहुंचे थे।