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फायरिंग में युवक की मौत

कपासन-चित्तौड़गढ़. जवानपुरा गांव में गोहत्या से शनिवार को भड़के आक्रोश ने दूसरे दिन रविवार को आसपास के क्षेत्र में उग्र रूप धारण कर लिया। कई गांवों में फायरिंग में युवक की मौतआगजनी और तोड़फोड़ की वारदातें हुईं। पुलिस और ग्रामीणों के बीच संघर्ष के बाद गुमानपुरा चौराहे पर पुलिस फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पथराव और लाठीचार्ज में आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं।

उधर, हिंदूवादी संगठनों के आह्वान पर कपासन और भादसोड़ा कस्बे बंद रहे। चित्तौड़गढ़ जिले के आकोला-शनि महाराज मार्ग पर करीब आठ किमी के दायरे में उपद्रव भड़क गया। सुबह करीब 9 बजे बड़ी संख्या में आक्रोशित ग्रामीण गुमानपुरा चौराहे पर जुटने लगे। कुछ ही देर में माहौल गर्मा गया। करीब 12 बजे पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ और पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों के चोटिल होने के बाद पुलिस ने फायरिंग कर दी। इसमें उचनारखुर्द निवासी उदयलाल (27) पुत्र भैरूलाल लुहार के पेट और सिर में दो गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस की गोली से इसी गांव का एक अन्य युवक घनश्याम (23) पुत्र मोहन दमामी भी घायल हो गया। इसका उदयपुर अस्पताल में उपचार चल रहा है। गोलीबारी की घटना से भीड़ बेकाबू हो गई और वाहनों में फिर तोड़फोड़ शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद यहां सन्नाटा छा गया। हालात बेकाबू होने पर आसपास के जिलों और जयपुर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।

फायरिंग से अधिकारी भी स्तब्ध
कपासन बंद और अन्य क्षेत्रों में छिटपुट तनाव से निपटने में लगे अधिकारी भी फायरिंग से सकते में आ गए। साढ़े बारह बजे कमिश्नर राजेश्वरसिंह, कलेक्टर पी.एल.अग्रवाल और एसपी भूपेन्द्र साहू गुमानपुरा चौराहा पर आ गए। ये अधिकारी भी यह कहने की स्थिति में नहीं थे कि अचानक फायरिंग जैसी नौबत कैसे आ गई?

निषेधाज्ञा बेअसर रही
गुमानपुरा चौराहे के आसपास के इलाकों में शनिवार से लगाई गई निषेधाज्ञा रविवार को पूरी तरह बेअसर दिखी।

आत्मरक्षा में चलानी पड़ी गोली?
फायरिंग के वक्त गुमानपुरा चौराहा पर तैनात उदयपुर के एएसपी राजेन्द्र सिंह चौधरी का कहना था कि अचानक अलग-अलग रास्तों से आए सैकड़ों लोग सिंधियों के खेड़ा गांव पर धावे के लिए कूच करने लगे। तब तैनात फोर्स ने भीड़ को रोकना चाहा, लेकिन लोग नहीं माने। इस बीच पुलिस को घेर कर उस पर पथराव कर दिया, इसीलिए आत्मरक्षा के लिए एक जवान ने फायरिंग कर दी। * पुलिस की गोली दो जनों को लगी हैं, इसमें एक की मौके पर मौत हो गई थी। पुलिस को गोली क्यों चलानी पड़ी, मैं इसका पता लगा रहा हूं। कपासन क्षेत्र में फिलहाल शांति है। पुलिस ने गोहत्या के आरोपियों को शनिवार को ही गिरफ्तार कर लिया था।
- गुलाबचंद कटारिया, गृहमंत्री

* जैसा कि पुलिस अधिकारियों ने मुझे बताया कि भीड़ खासी उग्र थी। टकराव टालने के लिए उन्हें रोकना जरूरी था। भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया, ऐसे में बचाव के लिए एक जवान ने फायरिंग कर दी। इसमें एक युवक की मौत हो गई, एक घायल हो गया।
-डॉ. पी.एल. अग्रवाल, कलेक्टर, चित्तौड़गढ़

* पुलिस जवान भीड़ में फंस गया था। कुछ लोगों ने उससे राइफल छीनने का प्रयास किया। इस दौरान जवान ने दो राउंड फायर किया, जिससे दो लोग चपेट में आ गए, जिसमें की मौत हो गई।
- भूपेंद्र साहू एसपी, चित्तौड़गढ़

कहर टूट पड़ा उदयलाल के परिवार पर
कपासन. पुलिस गोली से मरे उदयलाल लौहार की मौत ने उसके परिवार पर कहर बरपा दिया। तीन भाइयों में सबसे बड़े उदयलाल के एक छोटे भाई पप्पू की तीन माह पहले ही बीमारी से मौत हुई थी। पिता भैरूलाल बीमार चल रहे हैं। उचनार में खेती बाड़ी कर गुजारा चलाने वाले इस परिवार का पूरा दोरमदार अब बचे एक मात्र भाई 22 साल के ऊंकार पर है। उदयलाल के महज डेढ़ साल और सात माह के दो बच्चे हैं।

क्या थी घटना
कपासन क्षेत्र के जवानपुरा गांव में गोहत्या का मामला उजागर होने के बाद शनिवार को दो दर्जन गांवों में तनाव व्याप्त हो गया था। भीड़ ने गुमानपुरा चौराहे पर जाम लगाने के बाद निजी बस को आग लगा दी थी और कई दुकानों में तोड़फोड़ की थी। कई पुलिसकर्मियों सहित करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए थे। गोहत्या के मामले में पुलिस ने शनिवार को छह जनों को गिरफ्तार किया था, पर उनके नामों का खुलासा नहीं किया था।

मकान जलाए, ट्रैक्टर फूंके
गोहत्या की घटना से उमंड, पीपलखेड़ी आदि गांवों में भी रविवार को आक्रोश रहा। उमंड में दो और रामथली गांव में एक मकान को आग लगा दी गई। पीपलखेड़ी गांव के एक खेत में खड़े ट्रैक्टर को फूंक दिया गया।





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