पणजी. यदि आप नए साल की छुट्टियां गोवा के समुद्र तटों पर बिताने की योजना बना रहे हैं तो यह विचार तत्काल त्याग दीजिए क्योंकि वहां विशेष आर्थिक क्षेत्र
(सेज) परियोजनाओं के खिलाफ आंदोलन चला रहे एक संगठन ने सैलानियों को 28 दिसंबर तक गोवा छोड़ने की तल्ख हिदायत दी है। इससे पर्यटन उद्योग को करारा झटका लगा है।
गोवा मूवमेंट अगेंस्ट सेज (जीएमएएस) नामक इस संगठन ने दो-टूक एलान कर दिया है कि इसके बाद आंदोलन तेज किया जाएगा, जो अप्रिय रुख अख्तियार कर सकता है। खास बात यह है कि जीएमएएस में राज्य के विपक्षी दल भाजपा और शिवसेना भी शमिल हैं।
जीएमएएस के संयोजक मथानी सल्दान्हा ने रविवार को पत्रकारों से कहा कि संगठन चाहता है कि लोग आराम से क्रिसमस मना लें। इसके बाद सैलानियों को गोवा छोड़ने को कहा जाएगा। उन्होंने गोवा के लोगों से अपील की कि वे इस बार नए साल का जश्न न मनाकर त्याग का परिचय दें।