अहमदाबाद. गुजरात विधानसभा चुनाव में अपने दम पर धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद क्या मुख्यमंत्री नरेंद्र मुख्यमंत्री का कद अपनी पार्टी से भी ऊंचा हो गया है? राजनीति के गलियारों में उठ रहे इस सवाल का जवाब खुद मोदी ने ही सोमवार को दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, ‘बेटा कभी मां से बड़ा नहीं हो सकता।’
विधायक दल की बैठक में दिए अपने भाषण में मोदी ने इन बातों को पूरी तरह नकार दिया कि वे अब पार्टी से बड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा, ‘जो यह कहते हैं कि मोदी पार्टी से बड़े हो गए हैं, वे भाजपा व जनसंघ का इतिहास नहीं जानते। ऐसा कहना विकृत मानसिकता है। बेटा कभी मां से बड़ा नहीं हो सकता। जनसंघ के दिनों में ज्यादातर चुनावों में पार्टी के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो जाती थी। उस समय कई समर्पित कार्यकर्ता व परिवार पार्टी के लिए गंभीरता से काम करते थे।’ इतना कहते-कहते वे भावुक हो गए और उनकी आंखें गीली हो र्गई।
यह लेंस का दोष :
उन्होंने मीडिया पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘आपके लेंस का दायरा सीमित होने के कारण मेरी छवि बड़ी दिखाई देती है। जब लेंस का दायरा बढ़ाएंगे तो आप देखेंगे कि भाजपा के हजारों कार्यकर्ता मुझे कंधे पर बिठाए हैं।’
विधायक दल के नेता चुने गए :
इससे पहले मोदी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया। वे मंगलवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में अरुण जेटली और वेकैंया नायडू भी उपस्थित थे।
इस्तीफा सौंपा :
मोदी ने राज्यपाल नवलकिशोर शर्मा से मुलाकात करके उन्हें राज्य मंत्रिमंडल का इस्तीफा सौंप दिया। राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार करते हुए नई सरकार के गठन तक उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में काम करने को कहा।
आज शपथ, वाजपेयी को तोहफा :
57 वर्षीय मोदी को राज्यपाल मंगलवार को अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम में आयोजित समारोह में शपथ दिलाएंगे। कार्यक्रम 12.39 मिनट पर होगा। 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी का 84वां जन्मदिन भी है। नई दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि वाजपेयी को तोहफा देने के लिए पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव कर दो दिन पहले शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है।