इंदौर. सांवेर उपचुनाव के बाद बिजली की तय अवधि से ज्यादा कटौती से गुस्साए किसानों ने सोमवार को नवनिर्वाचित विधायक तुलसी सिलावट की अगुआई में कंपनी के इंदौर वृत्त के चीफ इंजीनियर का उनके ही कक्ष में घेराव कर जमकर हंगामा मचाया।
सोमवार करीब 11.30 बजे सांवेर के किसान भारी संख्या में पोलोग्राउंड स्थित विद्युत कंपनी परिसर पहुंचे और हंगामा करते हुए मुख्य अभियंता के कक्ष में घुस गए। किसानों ने आरोप लगाया सांवेर उपचुनाव होते ही म.प्र. पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी, इंदौर ने भाजपा की हार का बदला लेने के लिए दोहरा मापदंड अपनाते हुए किसानों के खिलाफ चोरी के केस बनाना शुरू कर दिए। कटौती तय अवधि से काफी ज्यादा शुरू कर दी गई है।
किसानों ने कंपनी के इंदौर वृत्त के चीफ इंजीनियर का उनके ही कक्ष में घेराव कर गुस्सा उतारा। खरी-खरी सुनाई और कहा बदला ही लेना है तो पूरे सांवेर क्षेत्र की बिजली बंद क्यों नहीं कर देते। विधायक ने चेताया कि रवैया नहीं बदला तो कानून हाथ में लेने से पीछे नहीं हटेंगे। वे जेल जाने को तैयार हैं पर किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
एक कनेक्शन के बनाए दो केस
ग्राम बड़ोदिया (रतनखेड़ी के शंकरलाल कलोता ने कहा उनके पास एक ही कनेक्शन है किंतु उसका एक केस 15 दिसंबर और दूसरा केस 16 दिसंबर को बनाकर एक केस का बिल 12 हजार रु. और दूसरे का 14 हजार रु. थमा दिया। रतनखेड़ी के कल्याणसिंह व रामेश्वर, ग्राम बिसनावदा के बाबूसिंह, मालीखेड़ी के शिवनारायण, कछालिया के छतरसिंह ने भी कहा उनके वैध कनेक्शन होने पर भी केस कैसे बना दिया गया।
श्री सिलावट ने कहा कछालिया के पास बीबीखेड़ी में महीनों से बिजली गुल है। घेराव में जिला पंचायत अध्यक्ष हुकमसिंह सांखला, युवा कांग्रेसी अजय सेंगर, पूर्व जनपद अध्यक्ष रामसिंह पारिया, केदार पटेल, बाबूसिंह, रामप्रसाद, माखन गोखले, हुकम पटेल सहित करीब दो सौ किसान मौजूद थे।
आश्वासन के बाद घेराव खत्म : मुख्य अभियंता आरके पाल ने आश्वान दिया कि कनेक्शन की पर्ची होने पर भी जिनके केस बने हैं, उस बारे में जांच की जाएगी। कटौती तय अवधि में ही की जाएगी। श्री सिलावट ने बताया बिजली अफसरों की मनमानी के खिलाफ 2 जनवरी को मांगलिया में बड़े पैमाने पर धरना दिया जाएगा।
2 को धरने में अन्य मांगे भी : उसमें सड़क, पानी के साथ यह मुद्दा भी रहेगा कि मांगलिया को सिटी बस से जोड़ा जाए। नर्मदा लाइन भी लाई जाए।
इंजीनियर को धमकाया, कर्मचारियों की चेतावनी
दूधिया बिजली उपकेंद्र पर भाजपा नेता के पुत्र ने हंगामा किया और सप्लाय बंद कर दी। फिर प्रभारी इंजीनियर को फोन पर धमकाया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। बिजली कर्मचारियों के संगठन ने चेताया है तीन दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
खुड़ैल थाने पर दर्ज प्रकरण के मुताबिक दूधिया वितरण उपकेंद्र पर तरुण पिता डॉ. लक्ष्मणसिंह वर्मा ने हंगामा मचाया, काम में बाधा डाली और जान से मारने की धमकी दी। बताया जाता है 18 दिसंबर को तरुण के निजी स्कूल की मोटर बिजली बंद होने के कारण नहीं चली। कर्मचारियों ने बताया सप्लाय साउथ जोन ग्रिड, खंडवा रोड से बंद है तो वह गाली-गलौज करने लगा।
फिर वहीं से सहायक अभियंता के.आर. व्यास को फोन लगाया और गाली-गलौज की। एक बार फोन बंद हो गया तो मोबाइल से संपर्क कर जान से मारने की धौंस दी और कहा जूते मारकर बिजली चालू करवा लूंगा। उसके बाद उपकेंद्र से पीडीपीएल फीडर लाइन बंद कर दी।
इसकी रिपोर्ट खुड़ैल थाने पर की गई लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। म.प्र. विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय सचिव शिवबहादुर सिंह, हेमंत पन्हालकर व के.एम. खरे ने कहा आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से उपकेंद्र के डेढ़ दर्जन कर्मचारी भयभीत है। तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को भी इस पर विचार-विमर्श किया गया। नेताओं का कहना है कंपनी के बड़े अफसरों को भी पुलिस से मिलकर पहल करना चाहिए। कर्मचारी नेताओं का आरोप है आरोपी भाजपा नेता का पुत्र है इसलिए पुलिस ढिलाई बरत रही है। उधर, खुड़ैल थाना प्रभारी दौलतसिंह राणावत ने बताया आरोपी की तलाश जारी है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।