इंदौर.
‘मुन्नाभाई..’ की तर्ज पर सिविल इंजीनियरिंग के छात्र ने दोस्त को परीक्षा देने भेजा। परीक्षा केंद्र तक दोनों गए। फिर प्राचार्य की आंखों में धूल झोंककर एक की जगह दूसरा पेपर देने लगा और आधे से ज्यादा हल भी कर लिया। इस बीच इनविजिलेटर ने हस्ताक्षर का मिलान किया तो पोल खुल गई। दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी से संबद्ध वैष्णव पॉलिटेक्निक में सिविल इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष की परीक्षा चल रही थी। उसमें छात्र सन्नी यादव निवासी 78, विजयनगर ने गणित के पेपर में बारहवीं में पढ़ रहे दोस्त नृसिंह मौर्य को भेज दिया।
7.30 बजे परीक्षा शुरू होने से पहले सन्नी ने प्राचार्य को प्रवेश पत्र गुमने की शिकायत की। उन्होंने डुप्लिकेट प्रवेश पत्र से फोटो मिलाकर अस्थायी प्रवेश पत्र जारी कर दिया। वही सन्नी ने नृसिंह को दे दिया जिसे बताकर वह कमरा नंबर 101 में परीक्षा देने लगा। करीब 9 बजे तक वह 10 में से 6 प्रश्न हल कर चुका था।
इसी बीच इनविजिलेटर ने छात्रों के हस्ताक्षर करवाए। तब नृसिंह, सन्नी जैसे हस्ताक्षर नहीं कर पाया। डुप्लिकेट प्रवेश पत्र से मिलान किया तो पोल खुल गई। नृसिंह को पकड़ा और सन्नी को भी बुला लिया। परीक्षा अधीक्षक सी.सी. सक्सेना ने बताया दोनों को पुलिस के हवाले कर छत्रीपुरा थाने में रिपोर्ट लिखाई।
तैयारी भी की थी पेपर देने के लिए
नृसिंह कुछ दिन से गणित के पेपर की तैयारी भी कर रहा था। उसमें दसवीं के स्तर के ही प्रश्न पूछे गए जबकि नृसिंह इसी विषय से बारहवीं पास है। पेपर देते समय आस-पास बैठे छात्रों को भी शक हुआ लेकिन वे मामला उजागर होने के बाद ही बोले।
तीन बार फेल हो चुका था
परीक्षा अधीक्षक डॉ. जी.सी. सक्सेना ने बताया गणित में सन्नी तीन बार फेल हो चुका था। यह उसके लिए अंतिम अवसर था। परिवार ने भी सख्त हिदायत दी थी कि पास हो या पढ़ाई छोड़ दे। इस पर उसने दोस्त को परीक्षा में बैठने के लिए राजी किया। सन्नी ने थाने में बताया नृसिंह ने पहली बार तो मना कर दिया था। फिर दोस्ती की खातिर तैयार हो गया।