bhaskar Web English
HomeNewsMadhya PradeshGwalior Gwalior

प्रति चक्रवात ने किया बसंत सा मौसम

ग्वालियर. पिछले पांच दिन से मौसम में तेजी से बदलाव हुआ है। दिन में तेज हवा चलने और पारा चढ़ने से बसंत-सा मौसम हो गया है। इसके अलावा पिछले तीन दिन से दिन में लगातार पतली परत के बादलों का आना-जाना बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार मप्र के ऊपर बने प्रति चक्रवात के कारण मौसम की यह स्थिति निर्मित हुई है।

अंचल में आज हवा लगभग बंद रही वहीं तीखी धूप निकलने से लोगों को सर्दी से राहत मिली, श्योपुर में सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी हुई परंतु वहां भी मौसम में गर्माहट बनी रही।

शिवपुरी में सोमवार को सुबह से ही तीखी धूप निकली थी, साथ ही बादल साफ और हवा भी नहीं चली। मुरैना और भिंड में भी मौसम लगभग ऐसा ही बना रहा।

सुबह से हवा रुकी हुई थी इससे धूप में तेजी और बढ़ गई थी, आसमान पर हल्के बादल जरूर छाए रहे। श्योपुर में सुबह 10.30 बजे के लगभग हल्की बूंदाबांदी भी हुई, इसके बाद दोपहर बारह बजे तक बादल छाए रहे।

इसके बाद मौसम एकदम साफ हो गया और तीखी धूप से लोगों को आज सर्दी का अहसास नहीं के बराबर हुआ। दतिया में भी आज मौसम अन्य दिनों की अपेक्षा गर्मी ज्यादा रही। सर्दी का असर देर शाम तक भी नहीं के बराबर था।

ग्वालियर में तीखी धूप के कारण लोगों को शरीर से ऊनी कपड़े उतारने को मजबूर होना पड़ा। अधिकांश लोग केवल शर्ट में ही नजर आए। ठंड का असर लगभग गायब था। शाम तक मौसम की यह स्थिति बनी रही। देर शाम को हवा की रफ्तार तेज होने से हल्की ठंड महसूस हुई।

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 4.9 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 14.1 डिग्री पर जा पहुंचा। यह सामान्य से 7.1 डिग्री अधिक है। तापमान में बढ़ोतरी के कारण ही हवा में नमी की मात्रा कम हो गई। सुबह आद्र्रता 63 व शाम को 53 प्रतिशत दर्ज की गई।

मौसम कार्यालय प्रभारी उमाशंकर चौकसे का कहना है कि पिछले तीन दिन से बादलों का आना-जाना बना रहने से आने वाले दिनों में सिस्टम निर्मित होने और पुन: तापमान में गिरावट की संभावना है। उल्लेखनीय है कि 11 से 19 दिसम्बर के बीच कड़ाके की ठंड के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। 19 दिसम्बर को न्यूनतम तापमान चार डिग्री से नीचे लुढ़क गया था जो इस सीजन में सबसे कम तापमान था।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: